भूधरमल ढांढनियां धर्मशाला न्यास, भागलपुर की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. कथा स्थल भक्ति, श्रद्धा के साथ माता रानी के जयकारों से गुंजायमान हो उठा. वृंदावन धाम से पधारे कथावाचक आचार्य अमर बिहारी पाठकजी ने कथा के दौरान मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों और अवतारों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया. उन्होंने मधु-कैटभ और महिषासुर की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य को अपने भीतर मौजूद आलस्य, अज्ञान, क्रोध, लोभ, वासना, नफरत और ईर्ष्या जैसे दुर्गुणों का नाश करना चाहिए. तभी व्यक्ति भगवती की कृपा का पात्र बन सकता है. आचार्य अमर बिहारी पाठकजी ने कहा कि मां भगवती की कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है. कथा श्रवण से मनुष्य के जीवन के कष्ट दूर होते हैं और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया. कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और संगीतमय कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया और मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त किया. कथा में प्रमुख रूप से न्यासी प्रदीप ढांढनियां, रमन साह, नवनीत ढांढनियां, संजय जैन, धीरज बाजोरिया, प्रदीप जालान, राजेश जैन, अनिल गोयनका, मदन मोहन अग्रवाल, बलवंत अग्रवाल, प्रभु दयाल शर्मा, रामगोपाल पोद्दार और मोहित ढांढनियां सहित कई लोग उपस्थित रहे.
bhagalpur news. श्रीमद् देवी भागवत कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
भूधरमल ढांढनियां धर्मशाला न्यास, भागलपुर की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
