Bhagalpur news बटेश्वरनाथ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

बाबा बटेश्वरनाथ श्रावणी महोत्सव में सावन की पहले सोमवारी को श्रद्धालुओं की भीड़ देवाधिदेव महादेव पर जलार्पण करने की लगी रही.

कहलगांव उत्तरवाहिनी गंगातट पर बाबा बटेश्वरनाथ श्रावणी महोत्सव में सावन की पहले सोमवारी को श्रद्धालुओं की भीड़ देवाधिदेव महादेव पर जलार्पण करने की लगी रही. सोमवारी पर जलार्पण करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करते हैं. कहलगांव के चारोधाम गंगा घाट व बटेश्वरनाथ धाम में सोमवार की सुबह से ही गंगा जलभर कावंरियों का जत्था क्षेत्र के सभी प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने को रवाना हुआ. सीओ सुप्रिया कुमारी ने कहा बाबा बटेश्वर नाथ महोत्सव के दौरान जलस्तर में हो रही वृद्धि को लेकर सुरक्षा की दृष्टिकोण से अस्थायी रूप से बेरिकेडिंग की गयी है. अंचल कर्मी की देखरेख में एसडीआरएफ टीम व स्थानीय गोताखोर और आपदा मित्र की प्रतिनियुक्ति की गयी है.अनुमंडल प्रशासन की ओर से राजेन्द्र पासवान, मिथिलेश प्रसाद सिन्हा व राहुल कुमार को दंडाधिकारी नियुक्त किया गया है. केंद्रीय रेलवे रेलयात्री संघ के नियंत्रण कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे से थानाध्यक्ष उमाशंकर खुद निगरानी कर रहे हैं.गंगा के जलस्तर वृद्धि को लेकर श्रद्धालुओं को लगातार सतर्क किया जा रहा था. बनारस की तर्ज पर संध्याकालीन गंगा महाआरती कहलगांव गंगा घाट पर पड़ाव संघ की ओर से पहली सोमवारी पर की गयी.बटेश्वरनाथ धाम में केंद्रीय रेलवे रेल यात्री संघ की ओर से प्रतिदिन गंगा महा आरती की जा रही है. बटेश्वरनाथ धाम आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए आयोजक मंडल की ओर से निशुल्क चिकित्सा, पेयजल, शरबत, चाय, भोजन आदि की उत्तम व्यवस्थाएं की गयी है.

शरीर को जंजीर से जकड़ कर कांवरिया चला बाबाधाम

सुलतानगंज जंजीरों में खुद को जकड़ कैदी बन कांवरिया बाबाधाम रवाना हुआ. यह कोई गिरफ्तार मुजरिम नहीं, बल्कि बाबा भोले नाथ का मुजरिम है. यह अन्य भक्तों से अलग है. बिहार के जहानाबाद का शंभू कुमार खुद को जंजीर जकड़ कर बाबाधाम चल पड़ा है. उसने बताया कि स्वप्न में बाबा भोले नाथ ने कहा कि उसने कोई गुनाह किया है, उसके प्रायश्चित के लिए वह कैदी बन कर बाबा दरबार जा रहा है. हर कोई ऐसे कांवरिया को देख कर आश्चर्यचकित है. शंभू ने बताया कि वह 20 वर्षों से बाबाधाम जाते हैं. इस बार बाबा भोले नाथ स्वयं सपने में आ कर कहे कि उसने गुनाह किया है, इस कारण वह मुजरिम है. प्रायश्चित के लिए कैदी बन बाबा धाम पहुंचेगे. उसने हाथ, पैर, गर्दन व पूरे शरीर को जंजीरों में जकड़ कैदी बन बाबा के दरबार में हाजरी लगाने देवघर निकल पड़ा है. इस आस्था को देख हर एक ही नारा लगाता दिखा हर हर महादेव.

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By Jitendra tomar

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