बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि शिविर की जानकारी उपभोक्ताओं को मोबाइल मैसेज के जरिये भेजी गयी थी, फिर भी भागीदारी कम रही. वहीं कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें किसी प्रकार का संदेश प्राप्त नहीं हुआ, जिससे वे शिविर की जानकारी से वंचित रह गये.
स्थिति को देखते हुए विभाग ने माना है कि जागरूकता और प्रचार-प्रसार की कमी बड़ी वजह रही. अब आने वाले दिनों में प्रचार अभियान को और तेज करने की तैयारी की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता इसका लाभ उठा सके.मुख्यालय की ओर से 30 अप्रैल तक बिजली बिल सुधार कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है. समय सीमा नजदीक होने के कारण विभागीय अधिकारियों पर काम का दबाव बढ़ गया है. इसी को देखते हुए लाइनमैन और मीटर रीडर को भी उपभोक्ताओं को शिविर में आने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी दी गयी है. इधर, शहरी क्षेत्र के तिलकामांझी, मोजाहिदपुर और नाथनगर सब-डिवीजन में सीमित संख्या में आवेदन आये, जिनमें कुछ मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों को निर्धारित समय में निपटाने का आश्वासन दिया गया. वहीं पूर्वी ग्रामीण क्षेत्र में भी अधिकांश मामलों का निपटारा किया गया और कुछ मामलों में समय लिया गया.
