Bhagalpur news एमएएम कॉलेज के पास रेलवे ओवरब्रिज बनाने से बढ़ी परेशानी

मदन अहिल्या महिला कॉलेज के पास रेलवे ओवरब्रिज शुरू हो गया, लेकिन इससे लोगों की कठिनाइयां कम होने के बजाय और बढ़ गयी है.

नवगछिया मदन अहिल्या महिला कॉलेज के पास रेलवे ओवरब्रिज शुरू हो गया, लेकिन इससे लोगों की कठिनाइयां कम होने के बजाय और बढ़ गयी है. रेलवे ने आरओबी चालू करने के बाद कॉलेज परिसर के समीप स्थित समपार फाटक को पूरी तरह बंद कर दिया है. इलाके में आवागमन बाधित है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

समपार फाटक बंद, जाम का दृश्य

मनोज कुमार बताते हैं कि समपार फाटक बंद होने के बाद मकंदपुर चौक सहित कई जगहों पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है. मालगोदाम से एफसीआई गोदाम तक आने-जाने वाले वाहनों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है. पहले समपार फाटक खुला रहने से वाहन सीधे समपार फाटक होकर गुजर जाते थे, लेकिन अब उन्हें मजबूरी में आरओबी से होकर ही जाना पड़ रहा है.

लोडेड ट्रक-ट्रैक्टर के लिए आरओबी चढ़ना चुनौती

आरओबी के दोनों तरफ मात्र पांच-पांच फीट चौड़ा संपर्क पथ बनाया गया है. इस संकरे रास्ते से होकर भारी ट्रक और ट्रैक्टर को लगभग 360 डिग्री घूम कर आरओबी पर चढ़ना पड़ता है. इससे कई बार पूरा ओवरब्रिज कुछ मिनटों के लिए जाम हो जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जगह कम होने से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है.

गांवों और कॉलेज की छात्राओं की बढ़ी दूरी

समपार फाटक बंद होने से हरनाथचक, भवानीपुर, मधुसुदनपुर बैसी, बनिया आदि गांवों के लोग बुरी तरह प्रभावित हैं. इन गांवों से आने-जाने वाले ग्रामीणों को करीब एक किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. कॉलेज की छात्राओं को रोजाना लंबा चक्कर लगा कर पहुंचना पड़ रहा है.

एफसीआई गोदाम का संचालन प्रभावित

एफसीआई गोदाम से माल ढुलाई करने वाले वाहनों को अब पहले से अधिक समय और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोडेड वाहन आरओबी पर चढ़ने में फंस जा रहे हैं, जिससे गोदाम संचालन पर भी असर पड़ रहा है. वाहन चालक बताते हैं कि संकरे संपर्क पथ पर मुड़ना बेहद मुश्किल है और कई बार सड़क पर अफरा-तफरी की स्थिति बन जाती है.

समपार फाटक खोलने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय लोग सुबोध कुमार यादव, प्रमोद कुमार, संजय कुमार, मंटू सिंह सहित अन्य ने रेलवे विभाग से समपार फाटक को पुनः खोलने की मांग की है. उनका कहना है कि आरओबी बनने के बाद भी फाटक बंद करना तर्कसंगत नहीं है, क्योंकि इससे फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो रहा है.

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समपार फाटक को नहीं खोला गया, तो वह जल्द ही व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे. स्थानीय लोगों की मांग है कि संपर्क पथ को चौड़ा किया जाए. भारी वाहनों को सुगमता से गुजरने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए. कॉलेज और आसपास के गांवों के लिए सुरक्षित पैदल मार्ग उपलब्ध कराया जाए. लोगों का कहना है कि रेलवे और प्रशासन को स्थिति का जल्द संज्ञान लेकर स्थायी समाधान निकालना चाहिए, जिससे नवगछिया के हजारों लोगों को राहत मिल सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Jitendra tomar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >