इस कलियुग में भगवान के नाम के अलावा कोई सार नहीं है. नाम जपते रहिए, कल्याण हो जायेगा. उक्त बातें नर्मदा परिक्रमा कर जगतगुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्राचार्य स्वामी आगमानंद महाराज ने कही. मौका था बुधवार को आदमपुर घाट स्थित काली गति लेन में मानस सत्संग संकीर्तन समिति भागलपुर के तत्वावधान में 27 घंटे के अखंड श्री सीताराम संकीर्तन समापन पर प्रवचन कार्यक्रम का. भजन सम्राट डाॅ हिमांशु मोहन मिश्र दीपक ने आयोजन का संचालन किया. जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने सीताराम-सीताराम-सीताराम कहिए, जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिए…भजन गाकर माहौल को और भक्तिमय बना दिया.
श्रद्धालु स्वामी आगमानंद जी से आशीर्वाद लेने को व्याकुल दिखे. स्वामी आगमानंद जी के सानिध्य में सभी रहना चाह रहे थे. पंडित शंभूनाथ शास्त्री वेदांती ने भगवान के नाम जप की महत्ता को परिभाषित किया. डाॅ आशा तिवारी ओझा ने कहा कि राम नाम ही जीवन का सार है, समरसता मूलक है. गीतकार राजकुमार ने स्वरचित रचना सुनाते हुए कहा आयी है मां नर्मदा, घर जिनको सानंद, राज जगद्गुरु हैं वही, पंडित ज्योतिन्द्राचार्या जी महाराज, पूर्व कुलपति डॉ एके राय, डाॅ मिहिर मोहन मिश्र दीपक, अरविन्द कुमार झा, प्रो मथुरा प्रसाद दूबे, दिलीप शास्त्री आदि ने संबोधित किया. भजन गायक अरविंद यादव, सोनी पांडेय आदि ने कई भजनों को सुनाया. मौके पर डाॅ प्रभात कुमार सिंह, कुंदन बाबा, आशीष पांडेय आदि उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
