नमन कुमार चौधरी, नाथनगर
बिना कसूर बहन के जेल जाने का सदमा आइटीबीपी में तैनात डिप्टी कमांडेंट भाई बर्दाश्त नहीं कर पाया और आत्महत्या कर ली. मामला यह है कि 18 मई को ललमटिया पुलिस पासी टोला में शराब के खिलाफ छापेमारी करने गयी थी. जहां महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट व अभद्रता कर रही थी. जिसका विरोध मायके में रह रही पड़ोसी ज्योति भारती ने किया. उन्होंने पुलिस को बोला कि आप छापेमारी करने आए हैं, तो किजिए, लेकिन मारपीट व अभद्रता सही नहीं है. इस बात को लेकर पुलिस और ज्योति भारती में बहस हुई और पुलिस चली गयी. कुछ देर बाद सिटी डीएसपी 2 के नेतृत्व में तीन-चार गाड़ी फोर्स पहुंची और सीधे ज्योति के घर और उन्हें लेकर थाने चली गयी. थाने में उनके साथ मारपीट करने के साथ कपड़ा तक फाड़ दिया गया. ज्योति कहते रह गयी कि वह एक अफसर की पत्नी है, उनके घर कई बड़े अधिकारी हैं, लेकिन पुलिस एक नहीं सुनी और जेल भेज दिया. करीब 15-16 दिन जेल में रहकर वो वापस आयी.
लोगों ने बताया कि ज्योति के जेल जाने से उनकी प्रतिष्ठा धूमिल हुई, जिससे परिजनों को सदमा पहुंचा. उनके भाई डिप्टी कमांडेंट व अन्य परिजन दोषी थानेदार व पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों के पास गये, लेकिन किसी ने नहीं सुनी. इससे क्षुब्ध होकर भाई ने आत्महत्या कर ली.
डिप्टी कमांडेंट ने पंजाब में की खुदकुशी आइटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट आयुष दीपक ने शुक्रवार को पंजाब के पटियाला में अधिकारी मेस में आत्महत्या की है. रविवार को ललमटिया क्षेत्र में पसरा रहा. ललमटिया के पूर्व थानेदार सह बांका जिले के पंजवारा के वर्तमान थानाध्यक्ष राजीव रंजन के खिलाफ मृतक के साले के बयान पर पटियाला के अर्बन एस्टेट थाने में केस दर्ज किया गया है. मृतक चंडीगढ़ स्थित आइटीबीपी टीएचक्यू 51वीं बटालियन में तैनात थे. घटना के बाद मृतक के परिजन सदमे में है. प्रभात खबर की टीम जब मृतक के घर पासी टोला पहुंची, तो घर का दरवाजा बंद था. पड़ोसियों ने बताया कि परिवार के लोग मृतक का दाह संस्कार करने पटना गये हैं.सुसाइड नोट में ललमटिया थानेदार पर गंभीर आरोप
पटियाला के अर्बन एस्टेट थाने के एएसआइ सह डिप्टी कमांडेंट के सुसाइड मामले की जांच कर रहे अधिकारी गुरविंदर सिंह ने प्रभात खबर से बातचीत में बताया कि मृतक ने फंदे से लटक कर आत्महत्या की थी. उनके कमरे से दो सुसाइड नोट एक हिंदी व एक अंग्रेजी में मिले थे. इंग्लिश वाले नोट में लिखा था कि ललमटिया थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने उनकी बहन के बाल नोचे, कपड़े फाड़े. मैं वहां अफसरों से भी मिला पर किसी ने मेरी मदद नहीं की. मैं इतना बड़ा अफसर होते हुए अपनी बहन की कोई मदद नहीं कर सका. मैं शर्मिंदगी में ये कदम उठा रहा हूं. मेरी मौत का जिम्मेदार थानेदार राजीव रंजन हैं. हिंदी में सिर्फ इतना लिखा है कि मेरी मौत के लिए राजीव रंजन थानाप्रभारी ललमटिया, पोस्ट नाथनगर, भागलपुर, बिहार जिम्मेदार हैं. जांच अधिकारी ने बताया कि थानाप्रभारी ललमटिया राजीव रंजन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया गया है, जिसका एफआइआर नंबर 159/2025, दिनांक 03-10-2025 है. शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है. आगे मामले की जांच की जा रही है.ज्योति पर पुलिस के खिलाफ लोगों को भड़काने का आरोप
ललमटिया थाने के दारोगा राज कुमार के बयान पर 22 ज्ञात व 15-16 अज्ञात पर केस किया गया था, जिसका केस नंबर 59/25 है. इसमें ज्योति भारती को 5वें नंबर का अभियुक्त बनाया गया है. दारोगा ने आवेदन में लिखा है कि छापेमारी के दौरान ज्योति ने विरोध किया और पुलिस पर पत्थरबाजी करने के लिए लोगों को भड़काया.कोर्ट
महिला द्वारा पुलिस के खिलाफ जो कृत्य किया गया था, उसका वीडियो फुटेज है. उसी आधार पर कार्रवाई हुई थी. उनके साथ कोई मारपीट नहीं हुई है. महिला के तरफ से थानाध्यक्ष के खिलाफ उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है. राकेश कुमार, डीएसपी, सिटी 2हत्या के लिए उकसाना या मजबूर करना अपराध की श्रेणी में आता है. इसमें दस साल से अधिक का सजा है. किसी सभ्य व प्रतिष्ठित परिवार के साथ पुलिस को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए. इससे व्यक्ति की प्रतिष्ठा धूमिल होती है. मामले में दोषी पुलिस पदाधिकारी पर जांच कर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
राहुल देव सिंह, अधिवक्ता, हाईकोर्ट पटनाडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
