Bhagalpur news कुख्यात शबनम यादव का भाई किसानों की फसल कर रहा बर्बाद

बिहपुर थाना क्षेत्र कहारपुर गांव के किसानों ने फसल की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जतायी

नवगछिया बिहपुर थाना क्षेत्र कहारपुर गांव के किसानों ने फसल की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जतायी है. शनािवार को गांव के दो दर्जन से अधिक किसानों ने नवगछिया एसपी प्ररेणा कुमार को आवेदन देकर अपनी खेती बचाने की मांग की. किसानों का आरोप है कि कुख्यात अपराधी शबनम यादव का भाई पवन यादव लगातार उनकी फसल को बर्बाद कर रहा है और इलाके में अपना वर्चस्व कायम करने के लिए ग्रामीणों को आतंकित कर रहा है. आवेदन पर हस्ताक्षर करने वालों में विजय कुमार मिश्र, कौशल मिश्र, कामख्या कुमार, राजीव कुमार मिश्र, रूपेश कुमार, अमित कुमार मिश्र, संदीप कुमार मिश्र, गुलशन कुमार, करण कुमार मिश्र, जीवन कुमार, मनोज कुमार मिश्र, गौरव कुमार, ब्रह्मदेव कुमार मिश्र सहित अन्य कई किसान शामिल हैं. किसानों ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में मेहनत से फसल लगायी है, लेकिन अपराधी प्रवृत्ति के लोग उन्हें ऐसा करने से रोकना चाहते हैं. किसानों का आरोप है कि पवन यादव जानबूझ कर उनकी खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा रहा है. कुछ किसानों की जमीन पर वह जबरन खेती करता है और विरोध करने पर धमकी देता है. ग्रामीणों ने बताया कि पवन यादव और उसके सहयोगियों ने इससे पहले भी गांव में वर्चस्व स्थापित करने के लिए कई बार उत्पात मचाया था. किसानों से मारपीट और गोलीबारी की घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिसके संबंध में नदी थाना में प्राथमिकी दर्ज है. इससे गांव में लगातार भय का माहौल बना हुआ है. किसानों ने एसपी से मांग की है कि उनकी फसल सुरक्षित की जाए, अपराधी तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में शांति बहाल की जाए. आवेदन की प्रतिलिपि एसडीपीओ और नदी थाना को भेजी गयी है. ग्रामीणों ने आशा जतायी है कि पुलिस प्रशासन समय रहते कार्रवाई करेगा, ताकि किसानों की मेहनत बेकार न जाए और क्षेत्र में अपराधियों का मनोबल न बढ़े.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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