भागलपुर में गंगा की मझधार में रुक जाती हैं नावें, फिर यात्रियों के लिए देवदूत बनकर पहुंचती है SDRF टीम

Bhagalpur News : विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद गंगा घाटों पर नावों की आवाजाही कई गुना बढ़ गई है. लेकिन तेज धारा के बीच जब नावों का इंजन मझधार में जवाब दे देता है, तब यात्रियों की जान सांसत में पड़ जाती है. ऐसे मुश्किल पलों में एसडीआरएफ के जवान मोटरबोट लेकर मौके पर पहुंचते हैं और लोगों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाकर राहत की सांस दिलाते हैं. उनकी तत्परता और साहस के कारण अब तक कई संभावित हादसे टल चुके हैं.

भागलपुर, गोपालपुर से विपिन ठाकुर की रिपोर्ट

Bhagalpur News : भागलपुर के बरारी-महादेवपुर गंगा घाट पर इन दिनों यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है. विक्रमशिला सेतु पर लगभग एक महीने से परिचालन बंद रहने के कारण सैकड़ों लोग रोजाना नावों के सहारे गंगा पार कर रहे हैं. बढ़ती आवाजाही के बीच नदी की तेज धारा और नावों की तकनीकी खराबी यात्रियों के लिए चुनौती बन रही है. ऐसे हालात में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा साबित हो रही है.

विक्रमशिला सेतु बंद, नावों पर बढ़ा दबाव

सेतु पर परिचालन ठप होने के बाद बरारी-महादेवपुर घाट से नावों के जरिए लोगों का आवागमन तेजी से बढ़ा है. नौकरीपेशा लोग, छात्र, व्यापारी और मरीज सहित बड़ी संख्या में यात्री प्रतिदिन गंगा पार कर रहे हैं. ऐसे में नाव परिचालन क्षेत्र की जीवनरेखा बन गया है.

मझधार में इंजन फेल होते ही बढ़ जाती है मुश्किल

गंगा की तेज धारा के बीच कई बार नावों का इंजन अचानक खराब हो जाता है. मझधार में नाव रुकते ही यात्रियों के बीच घबराहट फैल जाती है. तेज बहाव के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है. खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद भयावह हो जाती है.

सूचना मिलते ही रेस्क्यू मोड में आ जाती है टीम

जैसे ही किसी नाव के फंसने की सूचना मिलती है, एसडीआरएफ की टीम तत्काल मोटरबोट लेकर रवाना हो जाती है. जवान मौके पर पहुंचकर नाव को सुरक्षित नियंत्रण में लेते हैं और उसे किनारे तक पहुंचाते हैं. उनकी तेज कार्रवाई के कारण यात्रियों को समय पर राहत मिल जाती है.

साहस और सतर्कता से टल रहे बड़े हादसे

एसडीआरएफ के जवान तेज धारा और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच भी पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी निभा रहे हैं. कई बार उन्होंने ऐसे हालात में रेस्क्यू किया है, जहां थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी. उनकी तत्परता के कारण कई संभावित हादसे होने से पहले ही टल गए.

यात्रियों के लिए भरोसे का दूसरा नाम बनी एसडीआरएफ

नाव से सफर करने वाले यात्रियों का कहना है कि एसडीआरएफ की मौजूदगी उन्हें आत्मविश्वास देती है. मझधार में किसी तरह की परेशानी होने पर उन्हें भरोसा रहता है कि मदद जल्द पहुंच जाएगी. यही वजह है कि घाटों पर लोगों के बीच एसडीआरएफ के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है.

प्रशासन ने की सावधानी बरतने की अपील

स्थानीय लोगों ने भी एसडीआरएफ की भूमिका की सराहना की है. प्रशासन ने यात्रियों से नाव यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने, क्षमता से अधिक सवारी नहीं बैठाने और किसी भी आपात स्थिति की तुरंत सूचना देने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.

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लेखक के बारे में

Author: AMIT KUMAR SINH

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