bgaalpur news. बीच गंगा में बंद हुई नाव, एसडीआरएफ ने चलाया राहत अभियान

महादेवपुर घाट से बरारी घाट आ रही एक बड़ी नाव शुक्रवार दोपहर गंगा की मुख्य धारा में तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गयी.

महादेवपुर घाट से बरारी घाट आ रही एक बड़ी नाव शुक्रवार दोपहर गंगा की मुख्य धारा में तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गयी. नाव में सवार यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए चिंता की स्थिति उत्पन्न हो गयी. सूचना मिलने पर एसडीआरएफ भागलपुर की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत एवं बचाव अभियान चलाया और यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया. प्राप्त जानकारी के अनुसार, महादेवपुर घाट से बरारी घाट के लिए एक बड़ी नाव दोपहर करीब 12:35 बजे रवाना हुई थी. नाव में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और अन्य यात्री सवार थे. बीच नदी में नाव के बंद हो जाने की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम को इसकी जानकारी दी गयी. सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर नीलू के नेतृत्व में एसडीआरएफ भागलपुर की टीम तत्काल मौके पर पहुंची. टीम ने सबसे पहले नाव में सवार बीमार यात्रियों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित निकालने का निर्णय लिया. एसडीआरएफ के जवानों ने अपने बचाव नौका के माध्यम से इन यात्रियों को नाव से उतारकर सुरक्षित बारारी घाट पहुंचाया. स्टीमर पर चढ़ने उतरने में लोगों को हुई परेशानी बरारी और महादेवपुर दोनों घाटों से फ्री स्टीमर का संचालन किया जा रहा है. लेकिन स्टीमर पर चढ़ना और उतरना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. बुजुर्ग और बीमार लोग तो स्टीमर पर चढ़ने की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. शाम के समय में स्टीमर पर चढ़ने और उतरने के लिए एसडीआरएफ की टीम को लगाया गया. कई लोग गिरते गिरते बचे. आबे एक दिनो के बात छै, किराया देबै नाव का मुफ्त परिचालन धरातल पर शत प्रतिशत नहीं उतर सका. बरारी या महादेवपुर घाट पर जो यात्री फ्री सेवा लेना चाहते हैं, उन्हें स्टीमर का इंतजार करना पड़ता है या फिर घटों इंतजार के बाद मुफ्त नाव मिलती है. महादेवपुर से खुलने वाली अधिकांश नाविक खुलेआम यात्रियों से भाड़ा वसूल रहे हैं. दूसरी तरफ बरारी घाट पर भी कमोबेश यही हालात है. नवगछिया निवासी महानंद यादव ने कहा कि आबे एक दिन के बाद छै, कत्ते फ्री के व्यवस्था खोजबै, किराया देबै आरू आपनो घोर जैबे… दूसरी तरफ नाविकों में मायूसी सात जून को बेली ब्रीज चालू होने की घोषणा होते ही नाविकों में मायूसी है. स्थानीय नाविकों ने कहा कि अब वे लोग बालू, परवल, सब्जी की ढुलाई करने का काम करेंगे. नाविक दिनकर मंडल, रितेश कुमार, दयानंद शर्मा ने बताया कि ऐसा नहीं कि वे लोग बेरोजगार हो जाते हैं, लेकिन यहां पर ठीक ठाक कमाई हो रही थी. नाविकों ने कहा कि उनलोगों की कमाई अब कम जरूर होगी लेकिन एक बड़ी आबादी को बहुत फायदा होगा.

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By Nishi ranjan thakur

निशिरंजन ठाकुर मुख्यधारा की पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक समय से सक्रिय. साहित्यिक विषयों में भी गहरी रूचि. खबरों में तथ्य के साथ मानवीय संवेदना और भाषा की सादगी को अहम मानते हैं.

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