ब्लैकमेलिंग मामले में पटना से हुई गिरफ्तारी, कोर्ट से मिली राहत

ब्लैकमेलिंग मामले में पटना से हुई गिरफ्तारी, कोर्ट से मिली राहत

दो माह पूर्व साइबर थाना में एक युवती द्वारा दर्ज कराये गये ब्लैकमेलिंग मामले में पुलिस ने आरोपित को पटना से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद आरोपित कुंदन कुमार को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया. जहां कोर्ट ने उसके पक्ष को सुनने के बाद उसे राहत देते हुए बांड पर छोड़ दिया गया. युवक ने कोर्ट के समक्ष बताया कि केसकर्ता और कोई नहीं बल्कि उसकी प्रेमिका है. उन दोनों के बीच पांच सालों से संबंध था. और उन लोगों ने आपस में शादी भी की थी. जिसके बाद उसने जब अपनी प्रेमिका की मां को लड़की का सिंदूर लगा फोटो भेजा था. जिसके बाद पारिवारिक दबाव में आकर लड़की ने केस दर्ज कराया था. जिसके बाद पुलिस ने मामले में अग्रतर कार्रवाई की. जिलाधिकारी का बना फेक फेसबुक अकाउंट, जांच शुरू जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी का फेक फेसबुक अकाउंट बनाने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व ही जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने अपने फेसबुक हैंडल पर उनका फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाये जाने को लेकर एक पोस्ट डाला था. जिसके बाद उसपर कई लोगों ने कानूनी कार्रवाई करने की प्रतिक्रिया भी दी थी. इस बात की जानकारी सिटी एसपी शुभांक मिश्रा को हुई. जिसके बाद उन्होंने मामले में साइबर सेल को जांच का आदेश दिया. अभियुक्त को ट्रेन से लेकर पहुंची पुलिस रविवार को पीरपैंती पुलिस की लापरवाही सामने आयी. मारपीट के मामले में गिरफ्तार अभियुक्त को पीरपैंती पुलिस रविवार को ट्रेन से लेकर भागलपुर पहुंची. जिसके बाद उसका मेडिकल जांच कराया गया और पुलिस ऑफिस में फिंगर प्रिंट रिकॉर्ड करने के बाद उसे कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गय. उक्त मामला प्रकाश में आने के बाद वरीय पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच का निर्देश दिया है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आवश्यक कार्रवाई करने की की भी बात कही गयी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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