भागलपुर बरारी कुक्कुट प्रक्षेत्र: पटना AHPI की 3 सदस्यीय टीम 18 सितंबर को करेगी निरीक्षण, ₹70 लाख से बायो-सिक्योरिटी कायाकल्प

भागलपुर के बरारी कुक्कुट प्रक्षेत्र को बर्ड फ्लू के बाद फिर से खोलने की तैयारी शुरू हो गई है. 18 सितंबर को पटना से 3 वैज्ञानिकों की टीम प्रक्षेत्र का गहन निरीक्षण करेगी. 70 लाख रुपये की लागत से सुविधाओं का नवीनीकरण किया जा रहा है.

सूबे के सबसे बड़े सरकारी पोल्ट्री फार्म, भागलपुर स्थित बरारी कुक्कुट प्रक्षेत्र के फिर से गुलजार होने की दिशा में बड़ी प्रशासनिक पहल शुरू हो गई है. बीते अप्रैल महीने में बर्ड-फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) का संक्रमण फैलने के बाद पूरी तरह बंद कर दिए गए इस प्रक्षेत्र को दोबारा शुरू करने की व्यवहार्यता जांचने के लिए पटना स्थित पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान (AHPI) के तीन सदस्यीय वैज्ञानिकों की उच्चस्तरीय टीम आगामी 18 सितंबर को भागलपुर आ रही है.

यह वैज्ञानिक टीम बरारी प्रक्षेत्र के चप्पे-चप्पे की गहन तकनीकी जांच करेगी कि क्या अब यहां मुर्गियों और चूजों के पालन-पोषण के लिए वातावरण पूरी तरह संक्रमण-मुक्त और सुरक्षित हो चुका है या नहीं.

26 अप्रैल को बर्ड-फ्लू के बाद कर दिया गया था बंद

बरारी कुक्कुट प्रक्षेत्र के बंद होने से लेकर वर्तमान स्थिति का सिलसिलेवार ब्यौरा:

  • सामूहिक कलिंग व सैनिटाइजेशन: 26 अप्रैल 2026 को प्रक्षेत्र में पल रहीं मुर्गियों में बर्ड-फ्लू की आधिकारिक पुष्टि के बाद प्रोटोकॉल के तहत सभी मुर्गियों को वैज्ञानिक तरीके से मार (कलिंग कर) दिया गया था. इसके बाद पूरे परिसर को कई चरणों में विसंक्रमित (सैनिटाइज) किया गया.
  • अस्थायी तालाबंदी: संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए संस्थान की पूर्व जांच रिपोर्ट के आधार पर यहां उत्पादन और चूजा पालन पूरी तरह बंद था. इस दौरान केवल प्रशासनिक अधिकारी और नियमित कर्मचारी ही निगरानी के लिए आते थे.

70 लाख रुपये से कायाकल्प: हाई-सिक्योरिटी बाड़ व आधुनिक बाड़े तैयार

प्रक्षेत्र को बायो-सिक्योरिटी मानकों के अनुरूप ढालने के लिए बड़े पैमाने पर नवीनीकरण कार्य चल रहा है:

  • कटक से आएंगे उन्नत अंडे: फार्म के दोबारा चालू होते ही उच्च उत्पादकता वाली उन्नत नस्ल के अंडे ओडिशा के कटक और अन्य प्रमुख केंद्रीय अनुसंधान केंद्रों से आयात किए जाएंगे.
  • सुरक्षा घेरा मजबूत: जंगली पक्षियों और बाहरी आवारा जानवरों के प्रवेश को रोकने के लिए प्रक्षेत्र की बाहरी चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) को ऊंचा किया जा रहा है और उसके ऊपर सुरक्षा के लिए कंटीले तार (कंसर्टिना वायर) लगाए जा रहे हैं.
  • बाड़ों का सौंदर्यीकरण व नवीनीकरण: लगभग 70 लाख रुपये की लागत से मुर्गियों को रखने वाले पुराने और जर्जर हो चुके शेड (बाड़ों) की मरम्मत, फ्लोरिंग, बेहतर वेंटिलेशन और बायो-बबल सेफ्टी के साथ आधुनिकीकरण किया जा रहा है.

बरारी कुक्कुट प्रक्षेत्र: प्रमुख तकनीकी व निरीक्षण बिंदु

प्रमुख आयामविवरण / निर्धारित मानक
प्रक्षेत्र का कदबिहार का सबसे बड़ा सरकारी कुक्कुट प्रक्षेत्र (बरारी, भागलपुर)
निरीक्षण दलपशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान (AHPI), पटना के 3 वैज्ञानिक
दौरे की तिथि18 सितंबर 2026
जांच का मुख्य दायरामिट्टी, पानी व हवा के सैंपल, बाड़ों की सैनिटाइजेशन स्थिति व बायो-सेफ्टी
नवीनीकरण बजटलगभग ₹70 लाख (बाड़ों की मरम्मत, चहारदीवारी व तारबंदी)
आगामी योजनाकटक (ओडिशा) से उन्नत नस्ल के अंडों का आयात व हैचरी संचालन

मिट्टी-हवा के सैंपल जुटाएगी टीम, रिपोर्ट के बाद मिलेगा ग्रीन सिग्नल

18 सितंबर को आने वाले वैज्ञानिक दल का मुख्य फोकस प्रक्षेत्र के विभिन्न शेडों, फीड स्टोर और ओपन एरिया से रैंडम स्वैब व पर्यावरणीय सैंपल एकत्र करना होगा. इन सैंपलों की पटना स्थित उच्चस्तरीय प्रयोगशाला में वायरोलॉजिकल टेस्टिंग की जाएगी. लैब रिपोर्ट अनुकूल पाए जाने के बाद ही पशुपालन विभाग द्वारा प्रक्षेत्र को पुनः शुरू करने का अंतिम आदेश जारी किया जाएगा.

अधिकारी का आधिकारिक वक्तव्य: "बर्ड-फ्लू के कारण बंद किए गए कुक्कुट प्रक्षेत्र को फिर से चालू करने की संभावनाओं की जांच के लिए पटना से पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान की तीन सदस्यीय वैज्ञानिकों की टीम 18 सितंबर को भागलपुर आ रही है. टीम यहां की परिस्थितियों और शेड की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण करेगी. वैज्ञानिकों की जांच रिपोर्ट और मुख्यालय से विभागीय निर्देश मिलने के बाद ही प्रक्षेत्र में दोबारा मुर्गी पालन शुरू कराया जाएगा." अनिल कुमार, सहायक निदेशक (कुक्कुट), क्षेत्रीय कुक्कुट प्रक्षेत्र, भागलपुर.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By ललित किशोर मिश्र

ललित किशोर मिश्र प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से व डिजिटल माध्यम में पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, रेलवे और परिहवन में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >