कैंसरग्रस्त बेटी की खातिर टीचर मां ने मांगा नजदीकी स्कूल, विभाग ने भेजा ऐसे स्कूल जहां बस-ट्रेन भी नहीं

Bihar Education Department: कैंसर से पीड़ित बेटी की देखभाल के लिए नजदीकी स्कूल में तबादले की उम्मीद लगाए बैठी शिक्षिका लीना कुमारी को शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूल में ट्रांसफर कर दिया, जहां पहुंचना भी मुश्किल है. 10 विकल्प देने के बावजूद विभाग ने एक भी अनुरोधित स्कूल नहीं चुना.

Bihar Education Department, संजीव झा, भागलपुर: कैंसर जैसी असाध्य बीमारी से जूझ रही बेटी की देखभाल हो जाये और सरकार द्वारा सौंपे गये दायित्व भी ईमानदारी से निभा सके, इसके लिए एक शिक्षिका की उम्मीद तब जाग उठी, जब शिक्षा विभाग ने विशेष कारणों से ऐच्छिक स्थानांतरण कराने का मौका दिया. शिक्षिका ने बेटी की गंभीर परेशानी का जिक्र करते हुए नजदीकी स्कूल में ट्रांसफर का आवेदन किया, लेकिन विभाग ने ऐसे स्कूल में उनका ट्रांसफर कर दिया, जहां जाने-आने के लिए ट्रेन या बस की सुविधा ही नहीं है.

शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर के लिए 10 स्कूलों का नाम भी शिक्षकों से मांगा था. शिक्षिका ने दिया भी, लेकिन उन 10 स्कूलों में से किसी भी स्कूल का विकल्प न देकर कोई और स्कूल दे दिया. अब शिक्षिका को लग रहा है कि पीरपैंती के जिस स्कूल में पहले से थीं, वही बेहतर था. कम से कम वहां जाने के लिए ट्रेन की सुविधा तो थी.

क्या है मामला

विशिष्ट शिक्षिका सक्षमता -01 उत्तीर्ण लीना कुमारी बेसिक ग्रेड मध्य विद्यालय ओलापुर पीरपैंती में 14 मई 2005 से नियमित रूप से कार्यरत थी. वह भागलपुर नगर निगम क्षेत्र की निवासी हैं. विशेष कारणों से ऐच्छिक स्थानांतरण कराने के शिक्षा विभाग से मिले मौके के बाद लीना ने भी आवेदन किया.

स्थानांतरण की मूल वजह बेटी का कैंसर से ग्रस्त होना बताया. उन्होंने जिस 10 स्कूलों का विकल्प भरा उसमें ट्रांसफर नहीं मिला. 30 जून 2025 को नवपदस्थापित विद्यालय बिहपुर, बिहपुर मध्य एमएस अनुसूचित जाति टोला विक्रमपुर में ट्रांसफर मिला.

शिक्षिका बोलीं: मां की पीड़ा कोई और क्या समझे

जब मेरी 15 वर्षीय बेटी को वर्ष 2017 में कैंसर होने का पता चला, तो पूरा परिवार सदमे में आ गया था. टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई से उसका अब तक इलाज चल रहा है. 24 घंटे उसका ख्याल रखना पड़ता है. इसके अलावा घर में बूढ़ी सास, पति और दो बच्चे भी हैं. उम्मीद थी कि शिक्षा विभाग द्वारा मांगे गये विकल्प वाले स्कूल में तबादला मिलेगा, लेकिन ऐस नहीं हुआ. अब सोचना पड़ रहा है कि इतनी जिम्मेदारी का निर्वहन कैसे होगा. जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन दी हूं. उम्मीद है कि पुनर्विचार किया जायेगा.

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क्या बोले भागलपुर DEO

इस मामले पर भागलपुर DEO राजकुमार शर्मा ने कहा कि इस पर हमलोग बयान नहीं देते हैं. यहां तो हजारों शिक्षकों का मामला प्रपोज्ड है. इसलिए हम कुछ नहीं बता सकते.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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