भागलपुर . बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के चेयरमैन धर्मेंद्र कुमार ने गुरुवार को भागलपुर पहुंचकर विक्रमशिला सेतु और उस पर बनाये गये बेली ब्रिज का निरीक्षण किया. करीब एक घंटे तक उन्होंने सेतु की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से मरम्मत कार्य की प्रगति की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिये. चेयरमैन धर्मेंद्र कुमार पटना से ट्रेन के माध्यम से नवगछिया रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां अनुमंडल पदाधिकारी रोहित कर्दम ने उनका स्वागत किया. उनके साथ पुल निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता, परियोजना अभियंता, कार्यपालक अभियंता समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे. स्टेशन से विभागीय टीम सीधे विक्रमशिला सेतु पहुंची और मुख्य पुल व बेली ब्रिज का तकनीकी निरीक्षण किया.
समय-सीमा में कार्य पूरा करने पर जोर
निरीक्षण के दौरान चेयरमैन ने अधिकारियों को सरकार द्वारा तय समय-सीमा के अनुरूप मरम्मत कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने का निर्देश दिया. उन्होंने विभिन्न हिस्सों में चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया. 30 नवंबर तक परिचालन शुरू कराने का लक्ष्य हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी विक्रमशिला सेतु का निरीक्षण किया था. उन्होंने 30 नवंबर तक सेतु पर वाहनों का परिचालन फिर से शुरू कराने का लक्ष्य तय किया है. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पुल निर्माण निगम के चेयरमैन ने अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की और समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया.
भोलानाथ आरओबी निर्माण कार्य का भी लिया जायजा
विक्रमशिला सेतु के निरीक्षण के बाद चेयरमैन सीधे भोलानाथ आरओबी निर्माण स्थल पहुंचे. यहां उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति और भूमि अधिग्रहण की स्थिति की जानकारी ली. साथ ही रेलवे हिस्से में लंबित लॉन्चिंग स्कीम को जल्द स्वीकृत कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया. देर रात इंजीनियरों के साथ की समीक्षा बैठक चेयरमैन ने सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम किया. देर रात उन्होंने विभागीय इंजीनियरों के साथ समीक्षा बैठक की. इसमें विक्रमशिला सेतु, भोलानाथ आरओबी, बौंसी रेल पुल संख्या-2 पर बन रहे ओवरब्रिज और संपर्क सड़क के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गयी. उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया. बैठक में पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता और प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे.
देर रात इंजीनियरों के साथ की समीक्षा बैठक
चेयरमैन ने सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम किया. देर रात उन्होंने विभागीय इंजीनियरों के साथ समीक्षा बैठक की. इसमें विक्रमशिला सेतु, भोलानाथ आरओबी, बौंसी रेल पुल संख्या-2 पर बन रहे ओवरब्रिज और संपर्क सड़क के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गयी. उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया. बैठक में पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता और प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे.
सेतु पर रात 10 बजे से वाहनों का आवागमन किया गया बंद
विक्रमशिला सेतु पर गुरुवार को रात 10 बजे से आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया गया. सेतु के दोनों तरफ पुलिस पदाधिकारी व जवान तैनात थे. बाइक से लेकर चार पहिया वाहन तक नहीं चले. पुल पर चल रहे काम के बीच भागलपुर से एक बाइक चालक को मरीज को दिखाने के लिए सिलीगुड़ी जाने के लिए पुलिस ने मंजूरी दी. केवल साइकिल व पैदल चल रहे लोगों को पुल पार करने दिया गया. वहीं, पुलिस पिकेट के समीप कुछ बाइक सवार, बोलबम के बैनर लगे चार पहिया वाहन पुल पार करने के इंतजार में खड़े रहे. वहीं, सेतु पर आवागमन बंद होते ही एनआइटी पटना की टीम बेली ब्रिज के मरम्मत कार्य में जुट गयी. कुछ कर्मी बेल्डिंग का काम कर रहे थे. कुछ कर्मी बेली ब्रिज के अलग-अलग जगहों पर नटवोल्ट को टाइट करने का कार्य कर रहे थे. इसी क्रम में बेली ब्रिज पर आवागमन के लिए बिछाये गये लोहे के चदरे को भी खोला गया. इसके बाद पुल के अंदरुनी हिस्से में कर्मी प्रवेश किया. कई जगहों पर मरम्मत किया.
ALSO READ : 55 पैसे प्रति यूनिट बिजली, 12 घंटे लगातार सप्लाई, किसानों को सम्राट सरकार का तोहफा
