कहलगांव प्रखंड के लगमा हाट में चल रहे संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन वृंदावन से पधारे कथावाचक माधवानंद जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है. कथा श्रवण मात्र से मनुष्य के दुख, क्लेश और मानसिक विकार दूर होते हैं तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना और अपने भक्तों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं. कथा के दौरान उन्होंने भक्त प्रह्लाद, ध्रुव और गजेंद्र मोक्ष जैसे प्रसंगों से जीवन में भक्ति का महत्व समझाया.कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. “राधे-राधे”, “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है. कथा में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की काफी संख्या में उपस्थिति देखी जा रही है. मुख्य यजमान भगवान प्रसाद यादव व लीलावती यादव ने बताया कि यह महायज्ञ 17 से 23 मई तक चलेगा. इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में धार्मिक जागृति लाना और सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना है. कथा का समय प्रतिदिन दोपहर तीन से शाम सात बजे तक निर्धारित है.
नौ दिवसीय अखंड कीर्तन का आयोजन
पीरपैंती बाराहाट पंडाल पर नौ दिवसीय अखंड कीर्तन की शुरुआत आसपास के लोगों के सहयोग से की गयी. आचार्य पप्पू झा ने बताया कि मलमास में मांगलिक कार्यों पर पूरी तरीके से रोक होती है.बाराहाट चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष परमानंद केजरीवाल ने बताया कि यह आयोजन मलमास में लगातार पंडाल पर किया जाता रहा है. सभी लोग एक दूसरे का सहयोग कर आयोजन करवाते हैं. कीर्तन से आसपास का माहौल भक्ति मय होता है. संथालिया परिवार और खेतान परिवार की भूमिका इसमें बड़ी है.आंतरिक सेवा ट्रस्ट के संस्थापक मुकेश आजाद ने बताया कि पेयजल की व्यवस्था ट्रस्ट की तरफ से करायी जायेगी.
