होली पर बाजार गुलजार, होगा करोड़ों का कारोबार-बाजार में दिखने लगा होली का उमंग, थोक बाजार में रंग, अबीर, पिचकारी, मेवा, खाद्यान्न व कपड़ों की शुरू हुई बिक्रीवरीय संवाददाता, भागलपुरहोली में अभी 10 दिन बचे हैं, लेकिन बाजार में उमंग दिखने लगा है. थोक बाजार में रंग, अबीर, पिचकारी, मेवा, खाद्यान्न व कपड़े की बिक्री शुरू हो गयी है. हड़ियापट्टी, फड़ियापट्टी, कलाली गली व आसपास बाजार में खचाखच भीड़ उमड़ रही है. ऐसे में होली को लेकर 40 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की उम्मीद है. चेंबर के अध्यक्ष सह थोक कपड़ा व्यवसायी श्रवण बाजोरिया ने बताया कि होली पर कपड़े की बिक्री केवल चार से पांच करोड़ रुपये की होती हैं, जबकि होली में दुरागमन को लेकर भी साड़ियां व शूटिंग-शर्टिंग की बिक्री पांच से सात करोड़ रुपये तक होगी. रंग-पिचकारी व्यवसायी प्रदीप मावंडिया बताया कि रोजाना एक थोक दुकानदार एक से डेढ़ लाख रुपये का कारोबार कर लेता है,जबकि शहर में 50 से अधिक बड़ी दुकानें हैं. वहीं शहर में 200 से अधिक रिटेलर भी हैं, जो होली में 20 हजार रुपये से अधिक का कारोबार कर लेता है. विभिन्न तरह के मुखौटे व टैंक पिचकारी का काफी क्रेज है. मुखौटा 400 से 1000 रुपये एवं इसके अलावा शेर,चीता, भूत-पिचाश, राक्षस वाले मुखौटा भी बच्चे खरीद रहे हैं. टैंक पिचकारी 700 से 1000 रुपये तक में मिल रहे हैं. रंग कारोबारी का कहना है उनका रंग जिले के सभी प्रखंड में सप्लाई होती है. इसके अलावा बांका के आसपास क्षेत्रों में रंग की बिक्री होती है. पिछले वर्ष डेढ़ लाख रुपये तक के रंग की उनकी दुकान से बिक्री हुई थी. शहर में 25 से अधिक रंग कंपनी है. सभी कंपनी को मिला कर 50 लाख रुपये से अधिक का रंग का कारोबार होता है. मेवा पर महंगाई की मार, 15 प्रतिशत तक महंगाईमेवा कारोबारी अमृत जैन ने बताया कि मसाला बाजार में होली को लेकर रौनक है. इसमें गरीब-अमीर सभी के घरों में पकवान बनते हैं. ऐसे में महंगाई का कोई फर्क नहीं पड़ता. फिर भी पिछले साल से 10 से 15 प्रतिशत तक महंगाई की मार है. काजू 800 से 860 रुपये किलो, किशमिश 230 से 250 रुपये किलो, गरी गोला 180 से 210 रुपये किलो, बादाम बड़ा 800 से 850 रुपये किलो, छोहरा 160 से 180 रुपये किलो, सौंफ 120 रुपये किलो, लौंग 850 रुपये किलो, इलाइची 2800 से 3500 रुपये किलो तक बिक रहे हैं.

होली पर भागलपुर बाजार गुलजाह होने लगा है.

वरीय संवाददाता, भागलपुरहोली में अभी 10 दिन बचे हैं, लेकिन बाजार में उमंग दिखने लगा है. थोक बाजार में रंग, अबीर, पिचकारी, मेवा, खाद्यान्न व कपड़े की बिक्री शुरू हो गयी है. हड़ियापट्टी, फड़ियापट्टी, कलाली गली व आसपास बाजार में खचाखच भीड़ उमड़ रही है. ऐसे में होली को लेकर 40 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की उम्मीद है.

चेंबर के अध्यक्ष सह थोक कपड़ा व्यवसायी श्रवण बाजोरिया ने बताया कि होली पर कपड़े की बिक्री केवल चार से पांच करोड़ रुपये की होती हैं, जबकि होली में दुरागमन को लेकर भी साड़ियां व शूटिंग-शर्टिंग की बिक्री पांच से सात करोड़ रुपये तक होगी. रंग-पिचकारी व्यवसायी प्रदीप मावंडिया बताया कि रोजाना एक थोक दुकानदार एक से डेढ़ लाख रुपये का कारोबार कर लेता है,जबकि शहर में 50 से अधिक बड़ी दुकानें हैं. वहीं शहर में 200 से अधिक रिटेलर भी हैं, जो होली में 20 हजार रुपये से अधिक का कारोबार कर लेता है. विभिन्न तरह के मुखौटे व टैंक पिचकारी का काफी क्रेज है. मुखौटा 400 से 1000 रुपये एवं इसके अलावा शेर,चीता, भूत-पिचाश, राक्षस वाले मुखौटा भी बच्चे खरीद रहे हैं.

टैंक पिचकारी 700 से 1000 रुपये तक में मिल रहे हैं. रंग कारोबारी का कहना है उनका रंग जिले के सभी प्रखंड में सप्लाई होती है. इसके अलावा बांका के आसपास क्षेत्रों में रंग की बिक्री होती है. पिछले वर्ष डेढ़ लाख रुपये तक के रंग की उनकी दुकान से बिक्री हुई थी. शहर में 25 से अधिक रंग कंपनी है. सभी कंपनी को मिला कर 50 लाख रुपये से अधिक का रंग का कारोबार होता है.

मेवा पर महंगाई की मार, 15 प्रतिशत तक महंगाई

मेवा कारोबारी अमृत जैन ने बताया कि मसाला बाजार में होली को लेकर रौनक है. इसमें गरीब-अमीर सभी के घरों में पकवान बनते हैं. ऐसे में महंगाई का कोई फर्क नहीं पड़ता. फिर भी पिछले साल से 10 से 15 प्रतिशत तक महंगाई की मार है. काजू 800 से 860 रुपये किलो, किशमिश 230 से 250 रुपये किलो, गरी गोला 180 से 210 रुपये किलो, बादाम बड़ा 800 से 850 रुपये किलो, छोहरा 160 से 180 रुपये किलो, सौंफ 120 रुपये किलो, लौंग 850 रुपये किलो, इलाइची 2800 से 3500 रुपये किलो तक बिक रहे हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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