भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट
Bhagalpur Zila Parishad Development Schemes: भागलपुर जिला परिषद की तमाम विकास योजनाओं पर इन दिनों पूरी तरह रोक लग गई है. जिला परिषद में यह गतिरोध किसी तकनीकी या वित्तीय कारण से नहीं, बल्कि मुख्य पदाधिकारियों के अचानक हुए तबादले की वजह से पैदा हुआ है. अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण परिषद का पूरा प्रशासनिक ढांचा फिलहाल बेपटरी हो गया है.
परिषद में एक भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं
पिछले महीने जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त (डीडीसी) प्रदीप कुमार सिंह का स्थानांतरण हो गया था. इसके कुछ ही दिनों बाद जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता का भी तबादला कर दिया गया. इन दोनों महत्वपूर्ण पदों के खाली होने से वर्तमान में कार्यालय के भीतर नीतिगत फैसले लेने वाला कोई अधिकारी मौजूद नहीं है.
दफ्तरों में धूल फांक रही हैं फाइलें
अधिकारियों के न होने का सीधा असर रोजाना के कामकाज पर पड़ रहा है. दफ्तर में समीक्षा और हस्ताक्षर के लिए रखी गई विकास योजनाओं की एक भी फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है. जिला परिषद के कर्मियों का कहना है कि जब तक नए डीडीसी यहां आकर अपना पदभार ग्रहण नहीं कर लेते, तब तक किसी भी नई या पुरानी योजना को हरी झंडी मिलना मुश्किल है.
चुनाव नजदीक आते देख पार्षदों में बढ़ी बेचैनी
इस प्रशासनिक शून्यता के बीच सबसे ज्यादा परेशानी जिला परिषद के सदस्यों को झेलनी पड़ रही है. कुछ ही महीनों के बाद जिला परिषद के चुनाव होने वाले हैं. चुनाव नजदीक होने और अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्य पूरी तरह रुक जाने के कारण सभी पार्षद काफी मानसिक तनाव और असमंजस से गुजर रहे हैं.
मुख्यमंत्री को लिखा गया है पत्र
इधर, प्रशासनिक स्तर पर नए डीडीसी सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति को लेकर दूर-दूर तक कोई सुगबुगाहट नजर नहीं आ रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए खरीक उत्तरी क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य गौरव राय ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गुहार लगाई गई है.
Bhagalpur Zila Parishad Development Schemes: जल्द बहाली से योजनाओं को मिलेगी गति
पार्षदों का कहना है कि यदि सरकार द्वारा जल्द से जल्द यहां नए पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी जाती है, तो रुके हुए विकास कार्यों को दोबारा रफ्तार मिल सकेगी. इससे वे चुनाव से पहले अपने क्षेत्रों में लंबित योजनाओं को पूरा कर जनता के बीच जा सकेंगे. फिलहाल सभी की नजरें नए अधिकारियों के आने पर टिकी हैं.
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