भागलपुर. तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में अनुकंपा और 89 फ्रेशर कर्मचारियों की नियुक्ति सहित 365 कर्मचारियों के वेतन में अधिक भुगतान के बाद की गयी कटौती के मामले की जांच शुरू हो गयी है. गुरुवार को नौ सदस्यीय जांच कमेटी की पहली बैठक विवि गेस्ट हाउस में हुई. करीब दो घंटे तक चली बैठक में वेतन कटौती से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर गहन मंथन किया गया. विवि की ओर से कटौती से संबंधित दस्तावेज भी कमेटी के समक्ष रखे गये.
सात सितंबर को होगी कमेटी की दूसरी बैठक
बैठक में निर्णय लिया गया कि कमेटी की दूसरी बैठक सात सितंबर को होगी. इसमें संबंधित शाखा से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है. कमेटी की कोशिश है कि सभी तथ्यों और दस्तावेजों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर प्रभारी कुलपति को सौंपी जा सके.
कर्मचारियों के पक्ष को भी जांच में रखा गया
सिंडिकेट सदस्य डॉ संजीव सिंह ने कर्मचारियों की ओर से दिये गये पक्ष को कमेटी की बैठक में रखा. उन्होंने बताया कि कर्मचारियों का दावा है कि जिस तिथि से संबंधित पद के लिए वेतन कटौती होनी है, उसमें सबसे पहले त्रुटि का सुधार किया जाना चाहिए. इस बिंदु पर कमेटी के सदस्यों ने भी सहमति जतायी. उन्होंने कहा कि संबंधित पत्र के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के वेतन में नियमानुसार कटौती होनी चाहिए. यदि किसी कर्मचारी के वेतन में गलत कटौती हुई है तो उसमें अविलंब सुधार किया जाना जरूरी है.
शाखा से मांगा गया कटौती का आधार और नियम
डॉ संजीव सिंह ने संबंधित शाखा से मामले से जुड़े जरूरी दस्तावेज मांगे हैं. साथ ही कर्मचारियों के वेतन में कटौती करने का आधार और इसके लिए लागू नियमों की स्पष्ट जानकारी देने को कहा गया है. इसके बाद कटौती से प्रभावित कर्मचारियों को चिह्नित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जायेगी.
कर्मचारियों से सात सितंबर से पहले मांगी गयी जानकारी
कमेटी ने संबंधित शाखा से सभी कर्मचारियों को एक निर्धारित फॉर्मेट उपलब्ध कराने को कहा है. इसमें कर्मचारियों को अपना नाम, नियुक्ति की तिथि, पद, वर्ष, अनुकंपा नियुक्ति, विज्ञापन, वेतन सत्यापन और पे-स्लिप समेत अन्य जरूरी जानकारी भरनी होगी. कर्मचारियों को यह विवरण सात सितंबर से पहले जमा करने को कहा गया है.
गेस्ट हाउस के बाहर 50 से अधिक कर्मचारी रहे मौजूद
जांच कमेटी की बैठक एक ओर विवि गेस्ट हाउस में चल रही थी, वहीं दूसरी ओर 50 से अधिक कर्मचारी परिसर में मौजूद रहे. कर्मचारियों का कहना है कि उनके वेतन से चार हजार से लेकर 63 हजार रुपये तक की कटौती की गयी है.
बैठक शुरू होने से पहले कर्मचारियों ने जांच कमेटी के सदस्य एवं सिंडिकेट सदस्य डॉ संजीव कुमार सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और वेतन कटौती को लेकर अपना पक्ष रखा.
कर्मचारी संघ के सचिव ने भी सौंपा ज्ञापन
विवि के शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के सचिव सह सीनेट सदस्य रंजीत कुमार ने भी सिंडिकेट सदस्य डॉ संजीव कुमार सिंह से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी और ज्ञापन सौंपा. उन्होंने आरोप लगाया कि सहायक के वेतन में कटौती का कहीं उल्लेख नहीं है, इसके बावजूद विश्वविद्यालय की ओर से कर्मचारियों के वेतन में कटौती कर दी गयी.
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय में सहायक पद पर कार्यरत कर्मियों को एलडी के रूप में दर्शाया गया है. कर्मचारी संघ ने इस पूरी प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप नहीं होने का आरोप लगाते हुए मामले में सुधार की मांग की है.
जांच कमेटी में ये सदस्य रहे मौजूद
जांच कमेटी की बैठक में डीएसडब्ल्यू प्रो अर्चना साह, प्रो सुरेंद्र सिंह, प्रो एएन सहाय, प्रो पवन कुमार सिन्हा, डॉ मुश्फिक आलम, डॉ मुकेश कुमार और एफए ब्रज किशोर प्रसाद समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे.
