भागलपुर से रिपोर्ट
Jagannath Rath Yatra 2026: भागलपुर. आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर गुरुवार को सिल्क सिटी भागलपुर भगवान जगन्नाथ के जयघोष से गूंज उठेगी. 17 दिनों के अनवसर काल के बाद भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा भक्तों को दर्शन देंगे. शहर के नया बाजार, सुजागंज बाजार, गिरधारी साह हाट, चंपानगर और डीपीएस स्कूल परिसर से भव्य रथयात्राएं निकाली जाएंगी. इस वर्ष नया बाजार स्थित जगन्नाथ मंदिर की 125वीं रथयात्रा विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी.
125वीं रथयात्रा को लेकर नया बाजार में विशेष तैयारी
सखीचंद घाट रोड स्थित जगन्नाथ मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. मंदिर के पुजारियों के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रथयात्रा नया बाजार से निकलकर कोतवाली चौक, स्टेशन चौक, सुजागंज, वैरायटी चौक, खलीफाबाग चौक, दीपनगर चौक और बूढ़ानाथ चौक होते हुए पुन. मंदिर पहुंचेगी. आयोजन को सफल बनाने के लिए मंदिर समिति के सदस्य कई दिनों से तैयारियों में जुटे हैं.
पुरी से आए विशेष वस्त्रों से सजा रथ, छप्पन भोग का हुआ आयोजन
सुजागंज बाजार स्थित जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा की पूर्व संध्या पर भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया. पूजा-अर्चना के बाद भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया और श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण हुआ. मंदिर के सेवकों ने बताया कि इस बार रथ को जगन्नाथपुरी से लाए गए विशेष वस्त्रों से सजाया गया है. गुरुवार को यह रथ वैरायटी चौक, खलीफाबाग और स्टेशन चौक सहित प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगा.
भगवान स्वयं भक्तों के बीच आते हैं, यही रथयात्रा का संदेश
इस्कॉन से जुड़े सचिनंदन चैतन्य दास ने बताया कि भगवान जगन्नाथ को 'जगत के नाथ' कहा जाता है, क्योंकि वे पूरी सृष्टि के भगवान हैं. रथयात्रा इस बात का प्रतीक है कि भगवान स्वयं अपने भक्तों के बीच आते हैं, ताकि वे लोग भी दर्शन कर सकें जो मंदिर नहीं पहुंच पाते. उन्होंने कहा कि रथारूढ़ भगवान के दर्शन और सेवा को शास्त्रों में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. भगवान की बड़ी-बड़ी आंखें हर भक्त पर उनकी कृपा दृष्टि का प्रतीक हैं, जबकि उनका सहज स्वरूप सच्ची भक्ति और समर्पण का संदेश देता है.
Jagannath Rath Yatra 2026: डीपीएस स्कूल परिसर से भी निकलेगी भव्य रथयात्रा
उत्तरायण मंदिर, दीक्षापुरम स्थित डीपीएस स्कूल परिसर से दोपहर 3 बजे पूजा-अर्चना के बाद शाम 4 बजे रथयात्रा शुरू होगी. यात्रा जीरो माइल, काली मंदिर, कैंप जेल, जवारीपुर, तिलका मांझी, शिव भवन कॉलोनी, कचहरी चौक होते हुए शाम 6.45 बजे घंटाघर दुर्गा मंदिर पहुंचेगी. आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार रथयात्रा के दिन भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मौसी घर के लिए प्रस्थान करते हैं और दशमी तिथि को पुन. मंदिर लौटते हैं. सदियों पुरानी यह परंपरा आज भी श्रद्धा, आस्था, सामाजिक समरसता और भाई-बहन के स्नेह का संदेश देती है.
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