भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट
Bhagalpur Railway Station : भागलपुर रेलवे स्टेशन पर इन दिनों यात्री सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाले इस स्टेशन पर सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई नजर आ रही है. प्लेटफॉर्म से लेकर फुट ओवरब्रिज और सर्कुलेटिंग एरिया तक गंदगी फैली है. सबसे ज्यादा परेशानी प्लेटफॉर्म पर बने वाटर बूथ की है, जहां गंदा पानी जमा होने के कारण यात्री पीने का पानी तक नहीं ले पा रहे हैं. नियमित सफाई और रखरखाव के अभाव में यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं.
वाटर बूथ बना गंदे पानी का तालाब
भागलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या चार और पांच पर बने वाटर बूथ की स्थिति सबसे खराब बताई जा रही है. गंदे पानी की निकासी के लिए लगाए गए पाइप जाम हो चुके हैं, जिसके कारण बूथ के भीतर ही पानी जमा हो गया है.
बुधवार सुबह भी प्लेटफॉर्म संख्या पांच पर वाटर बूथ गंदे पानी से भरा मिला. ऐसी स्थिति में यात्री नल तक पहुंचकर पानी भरने से भी बचते दिखे. कई यात्रियों ने बताया कि पेयजल की सुविधा होने के बावजूद उसका उपयोग करना मुश्किल हो गया है.
सफाई व्यवस्था पर नहीं दिख रही निगरानी
यात्रियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से स्टेशन परिसर की सफाई व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है. प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज, सीढ़ियों और सर्कुलेटिंग एरिया में जगह-जगह कचरा दिखाई देता है.
स्वचालित सीढ़ियों पर भी पान-मसाला और अन्य खाद्य पदार्थों के रैपर पड़े रहते हैं. इससे स्टेशन की स्वच्छता प्रभावित होने के साथ यात्रियों पर भी खराब प्रभाव पड़ रहा है.
टपकते नल बढ़ा रहे पानी की बर्बादी
स्टेशन के एक या दो नहीं बल्कि लगभग सभी प्लेटफॉर्म पर लगे कई वाटर बूथ के नलों से लगातार पानी टपकता रहता है. कई टोटियां खराब हो चुकी हैं, जिससे हर समय पानी की बर्बादी हो रही है.
रेलवे सूत्रों के अनुसार कुछ मामलों में यात्रियों द्वारा टोटियों को नुकसान पहुंचाने की वजह से भी यह समस्या उत्पन्न हुई है. हालांकि समय पर मरम्मत नहीं होने से परेशानी और बढ़ गई है.
Bhagalpur Railway Station : राजस्व में अव्वल, सुविधाओं में पिछड़ता स्टेशन
भागलपुर रेलवे स्टेशन मालदा रेल मंडल के सबसे अधिक राजस्व देने वाले प्रमुख स्टेशनों में गिना जाता है. ऐसे स्टेशन पर यदि यात्रियों को साफ पेयजल, स्वच्छ प्लेटफॉर्म और नियमित सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिलें तो यह रेलवे की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है.
यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर सफाई, जल निकासी और पेयजल व्यवस्था की नियमित निगरानी होनी चाहिए. समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो मानसून के दौरान हालात और खराब हो सकते हैं.
अब यात्रियों की नजर रेलवे प्रशासन पर है कि वह शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हुए सफाई व्यवस्था और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाता है.
