303 करोड़ की लागत से बनेगा रेल बाईपास, सबौर से गोनूधाम तक नई रेल लाइन, भागलपुर को तोहफा

Bhagalpur Rail Bypass: भागलपुर के रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है. रेल मंत्रालय ने 303.20 करोड़ रुपये की लागत से 13.38 किलोमीटर लंबे नए रेल बाईपास को मंजूरी दे दी है. यह लाइन सबौर से गोनूधाम को जोड़ेगी. इससे ट्रेनों को इंजन बदलने के लिए जंक्शन नहीं जाना पड़ेगा.

Bhagalpur Rail Bypass: केंद्र सरकार ने भागलपुर में नए रेल बाईपास प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. इस योजना का मकसद ट्रेनों की आवाजाही को आसान बनाना, स्टेशनों पर भीड़ कम करना और यात्रा को ज्यादा तेज और आरामदायक बनाना है. इस फैसले से भागलपुर और आसपास के इलाकों के लोगों को फायदा मिलने वाला है.

प्रोजेक्ट के बारे में जानिये

इस प्रोजेक्ट के तहत सबौर से गोनूधाम के बीच करीब 13.38 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बनाई जाएगी. इस पर करीब 303.20 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह लाइन सीधे गोनूधाम हाल्ट को सबौर स्टेशन से जोड़ेगी, जो अभी भागलपुर-साहिबगंज रेल रूट का हिस्सा है. नई लाइन बनने से ट्रेनों को नया रास्ता मिलेगा और यात्रा और सुगम हो जाएगी.

भीड़ होगी कम

अभी तक कई ट्रेनों को भागलपुर जंक्शन पर लाकर इंजन बदलना पड़ता है, जिससे समय ज्यादा लगता है और यात्रियों को भी परेशानी होती है. लेकिन इस बाईपास के बनने के बाद ट्रेनों को सीधे रास्ता मिल जाएगा और इंजन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे समय की बचत होगी और ट्रेनें समय पर चल सकेंगी. साथ ही भागलपुर स्टेशन पर भी भीड़ कम होगी.

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क्या बोले दुबे

इस फैसले का स्वागत करते हुए निशिकांत दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे. यह बाईपास सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके के विकास के लिए भी अहम साबित होगा. इससे व्यापार और आवागमन को बढ़ावा मिलेगा और आने वाले समय में भागलपुर की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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