भागलपुर से रिपोर्ट
Shravani Mela 2026: श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत के साथ ही भागलपुर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. आने वाले दिनों में लाखों कांवरियों के भागलपुर और सुलतानगंज पहुंचने की संभावना को देखते हुए गंगा घाटों से लेकर प्रमुख शिवालयों तक सुरक्षा, सफाई और यातायात व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है. प्रशासन का फोकस सिर्फ भीड़ नियंत्रित करने पर नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराने पर भी है.
रविवार और सोमवार को सबसे अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने बैरिकेडिंग, पार्किंग, अतिक्रमण हटाने, रोशनी, सफाई और घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों को व्यवस्थित करने का निर्देश दिया है. नगर आयुक्त को पूरे अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि किसी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे.
घाटों से मंदिर तक हर व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
जिला प्रशासन ने पांच जुलाई को किए गए निरीक्षण के आधार पर सभी विभागों को समय सीमा के भीतर तैयारी पूरी करने का निर्देश दिया है. गंगा घाट, कांवरिया पथ और प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े सभी कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.
प्रशासन का मानना है कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लाखों लोगों की आवाजाही वाला बड़ा जनसमूह है. ऐसे में छोटी सी चूक भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है. इसी वजह से हर विभाग को स्पष्ट जिम्मेदारी सौंपी गई है.
Shravani Mela 2026: एसटीपी का काम जल्द पूरा करने का निर्देश
गंगा किनारे बुडको की ओर से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य चल रहा है. प्रशासन ने निर्देश दिया है कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले निर्माण कार्य पूरा कर आसपास के क्षेत्र का समतलीकरण कराया जाए.
इस कार्य की जवाबदेही सदर एसडीओ और बुडको के परियोजना निदेशक को दी गई है. उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान किसी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना की आशंका न रहे.
घाटों तक जाने वाले रास्ते होंगे अतिक्रमण मुक्त
बरारी सीढ़ी घाट और पुल घाट तक जाने वाले प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज कर दिया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में घाटों तक वाहनों का प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा.
सदर एसडीओ, डीएसपी सिटी-1, डीएसपी सिटी-2, यातायात पुलिस और उप नगर आयुक्त को इसकी जिम्मेदारी दी गई है. इसका उद्देश्य यह है कि भीड़ बढ़ने पर भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बाधित न हो और आपातकालीन सेवाओं को रास्ता मिल सके.
अस्थायी दुकानों की होगी व्यवस्थित बंदोबस्ती
श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में अस्थायी दुकानें लगती हैं. इन्हें लेकर भी प्रशासन ने पहले से योजना तैयार कर ली है.
घाटों और प्रमुख मार्गों के किनारे लगने वाली दुकानों को निर्धारित स्थानों पर बसाया जाएगा ताकि व्यापार भी चलता रहे और श्रद्धालुओं की आवाजाही भी प्रभावित न हो. इस व्यवस्था की जिम्मेदारी उप नगर आयुक्त को सौंपी गई है.
मेयर ने खुद पहुंचकर देखा तैयारियों का हाल
श्रावणी मेला शुरू होने से पहले नगर निगम भी पूरी तरह सक्रिय नजर आया. सोमवार को मेयर डॉ. वसुंधरा लाल ने उप मेयर, सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों, पार्षदों और नगर निगम अधिकारियों के साथ प्रमुख कांवरिया घाटों का निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट लाइट, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मेला अवधि के दौरान सभी सुविधाएं बिना रुकावट संचालित रहें.
मेयर ने यह भी कहा कि हेल्प डेस्क पूरी तरह सक्रिय रहें ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता मिल सके. साथ ही 24 घंटे सफाई व्यवस्था बनाए रखने और सफाईकर्मियों की लगातार तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
भागलपुर से रांची के लिए चली पहली श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सोमवार से भागलपुर-रांची श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन का परिचालन भी शुरू हो गया. सुबह 9.10 बजे भागलपुर से रवाना हुई पहली ट्रेन में अच्छी संख्या में यात्री सफर करते नजर आए.
यह ट्रेन सुबह 9.35 बजे सुलतानगंज, 10.15 बजे जमालपुर और 11.40 बजे किउल पहुंची. रेलवे का कहना है कि सावन के दौरान अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए यह विशेष सेवा शुरू की गई है, जिससे कांवरियों और अन्य यात्रियों को राहत मिलेगी.
Shravani Mela 2026: क्यों अहम है इस बार की तैयारी?
हर साल श्रावणी मेला में लाखों श्रद्धालु सुलतानगंज पहुंचते हैं और गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए पैदल यात्रा शुरू करते हैं. ऐसे में घाटों पर भीड़, यातायात, सफाई और सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बनती है.
इसी कारण इस बार प्रशासन ने पहले से जिम्मेदारियां तय कर दी हैं. यदि सभी विभाग समय पर अपना काम पूरा करते हैं तो श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर व्यवस्था का लाभ मिलेगा. आने वाले दिनों में भी प्रशासन लगातार तैयारियों की समीक्षा करता रहेगा ताकि मेले के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो.
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