निःशुल्क नाव सेवा के निर्देश के बावजूद घाटों पर इंतजार को मजबूर यात्री, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

Bhagalpur news: घाटों पर स्थिति यह है कि यात्रियों को नदी पार कराने के लिए मौजूद कर्मियों को कई बार निजी नाविकों को माइकिंग कर बुलाना पड़ता है. नियमित सरकारी नाव सेवा नहीं रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

गोपालपुर (भागलपुर) से विपिन ठाकुर की रिपोर्ट:

Bhagalpur news: गंगा नदी पार करने वाले यात्रियों की परेशानी भीषण गर्मी के बीच लगातार बढ़ती जा रही है. महादेवपुर, गोपालपुर, तिनटंगा करारी, कहलगांव और बरारी के आसपास के घाटों पर नियमित नाव सेवा उपलब्ध नहीं होने से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा निःशुल्क नाव परिचालन के निर्देश दिए जाने के बावजूद जिला प्रशासन प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल नजर आ रहा है.

घाटों पर स्थिति यह है कि यात्रियों को नदी पार कराने के लिए मौजूद कर्मियों को कई बार निजी नाविकों को माइकिंग कर बुलाना पड़ता है. नियमित सरकारी नाव सेवा नहीं रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

गर्मी में बढ़ी मुश्किलें

स्थानीय लोगों के अनुसार दोपहर के समय तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच जाता है. ऐसे में यात्रियों को खुले घाट पर घंटों नाव का इंतजार करना पड़ता है. महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं.

ग्रामीणों ने बताया कि इलाज के लिए भागलपुर जाने वाले मरीजों को भी नाव नहीं मिलने की स्थिति में काफी परेशानी उठानी पड़ती है. कई बार लोगों को मजबूरी में निजी नाविकों को अधिक किराया देकर गंगा पार करनी पड़ती है.

घोषणा और जमीनी हकीकत में अंतर

स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा पार के क्षेत्रों के निवासियों की सुविधा के लिए निःशुल्क नाव परिचालन की घोषणा की गई थी, लेकिन इसका लाभ आम लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है. किसानों, छात्रों, व्यवसायियों और दैनिक यात्रियों को नियमित परिवहन सुविधा के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

स्थायी व्यवस्था की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से घाटों पर नियमित और समयबद्ध नाव सेवा संचालित करने की मांग की है. साथ ही पेयजल, छायादार प्रतीक्षालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी अपील की है.

यात्रियों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में परेशानी और बढ़ सकती है. हालांकि बेली ब्रिज का सफल ट्रायल होने के बाद लोगों को उम्मीद है कि पुल से आवागमन शुरू होने पर बड़ी राहत मिलेगी.

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Published by: Shruti Kumari

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