भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट
Bhagalpur News: सिल्क सिटी भागलपुर में मानसून ने दस्तक दे दी है, लेकिन नगर निगम की तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं. शहर के बड़े नालों में गाद, कचरा और झाड़ियां अब भी जमी हैं. नतीजा यह है कि हल्की बारिश में ही नाले सड़क पर बहने लगते हैं और कई मोहल्लों में जलजमाव की स्थिति बन जाती है. दूसरी ओर फॉगिंग और ब्लिचिंग पाउडर छिड़काव के दावों के बीच मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले बड़े-बड़े वादे होते हैं, लेकिन जमीन पर हालात नहीं बदलते.
30 लाख का स्टीमेट बना, लेकिन सफाई अधूरी रह गई
करीब एक माह पहले नगर निगम ने मानसून से पहले हथिया नाला और अन्य प्रमुख नालों की उड़ाही के लिए लगभग 30 लाख रुपये का स्टीमेट तैयार किया था. सफाई अभियान भी शुरू हुआ, लेकिन समय पर पूरा नहीं हो सका.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य शाखा की लापरवाही के कारण अधिकांश नालों की सफाई अधूरी रह गई. कई स्थानों पर अब भी सफाई का काम चल रहा है, जबकि बारिश शुरू हो चुकी है.
खरमनचक में पुलिया तोड़ी, नाला फिर भी नहीं साफ हुआ
खरमनचक स्थित आरके लेन जाने वाले रास्ते पर हथिया नाला की सफाई के लिए पुलिया की रेलिंग तक तोड़ दी गई, लेकिन नाले की सफाई नहीं हो सकी.
स्थानीय निवासी मनोज कुमार बताते हैं कि सालभर यह नाला जाम रहता है. हर बार बरसात से पहले सफाई की उम्मीद जगती है, लेकिन इस बार भी स्थिति जस की तस है. थोड़ी बारिश होते ही नाले का पानी सड़क पर आ जाता है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है.
कई इलाकों में नाला नहीं, झाड़ियों का जंगल नजर आता है
डिक्शन मोड़, सच्चिदानंद नगर, रामनगर, वारसलीगंज और आसपास के इलाकों में हथिया नाला की हालत बेहद खराब है. नाले के भीतर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह नाला दिखाई ही नहीं देता. ऐसा लगता है जैसे वह जमीन में बदल गया हो, जबकि नीचे गाद और दलदल जमा है. इससे बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित हो रही है.
Bhagalpur News: हल्की बारिश में ही डूबने लगते हैं मोहल्ले
भोलानाथ पुल के नीचे, असानंदपुर, परबत्ती, 24 परगना, महेशपुर, गंगटी, अंबे, लोहापट्टी, आनंद चिकित्सालय रोड, काजीचक, भीखनपुर और तिलकामांझी लालबाग जैसे इलाकों में हल्की बारिश के बाद ही जलजमाव की समस्या सामने आने लगी है.
लोगों का कहना है कि यदि लगातार बारिश हुई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं.
फॉगिंग और ब्लिचिंग के दावे पर उठ रहे सवाल
नगर निगम लगातार फॉगिंग और ब्लिचिंग पाउडर के छिड़काव का दावा कर रहा है, लेकिन शहर के कई इलाकों के लोग इससे सहमत नहीं हैं.
आदमपुर रेडक्रॉस रोड निवासी विकास कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने महीनों से अपने इलाके में फॉगिंग होते नहीं देखी. सुबह और शाम मच्छरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है.
सीसी मुखर्जी लेन, रेडक्रॉस रोड, प्राइवेट बस स्टैंड, उर्दू बाजार और गंगा किनारे बसे कई मोहल्लों में जलजमाव के कारण मच्छरों का लार्वा तेजी से पनप रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और कीटनाशक छिड़काव नहीं हुआ तो बारिश के मौसम में डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
