Bhagalpur Monsoon Rain: बिहार में इस वर्ष मानसून ने गत 11 जून को ही प्रवेश कर लिया था, लेकिन शुरुआती दस्तक के बाद पर्याप्त बारिश नहीं होने से भागलपुर सहित आसपास के इलाकों के किसान बेहद परेशान थे. पानी के अभाव में खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं और किसान धान के बीज तक नहीं गिरा पा रहे थे. हालांकि, कुछ संपन्न किसानों ने निजी पंपसेटों और सिंचाई संसाधनों के भरोसे जैसे-तैसे बिचड़ा तैयार किया था, लेकिन बहुसंख्यक किसान बादलों की ओर टकटकी लगाए बैठे थे.
बुधवार की बारिश बनी संजीवनी, खेतों में लौटी रौनक
बुधवार को मौसम के बदले मिजाज और तेज बारिश ने स्थिति पूरी तरह बदल दी. इस बारिश के बाद जिन किसानों के पास बिचड़ा तैयार नहीं था, उन्होंने खेतों में तेजी से धान के बीज डालने शुरू कर दिए हैं. वहीं दूसरी ओर, जिन किसानों का बिचड़ा पहले से तैयार हो चुका था, वे बारिश के पानी से लबालब हुए खेतों में धान की रोपनी (पौधा लगाने) के काम में पूरी ताकत से जुट गए हैं.
जिले में 20 मिलीमीटर से अधिक हुई वर्षा
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों में औसतन 20 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जो इस सीजन में खेती के लिहाज से बेहद मुफीद मानी जा रही है. इस बारिश से न केवल खेतों की नमी वापस आई है, बल्कि भूजल स्तर में भी सुधार होने की उम्मीद है.
Bhagalpur Monsoon Rain: अभी और बरसेंगे बदरा: मौसम वैज्ञानिक की सलाह
"यह समय धान की खेती के लिए अत्यंत अनुकूल है. जिन किसानों ने अभी तक बिचड़ा नहीं डाला है, वे इस मानसूनी बारिश का लाभ उठाते हुए तुरंत खेतों में धान के बीज गिरा दें. वहीं, तैयार बिचड़े वाले किसान बिना समय गंवाए कतारबद्ध तरीके से धान की रोपनी शुरू कर सकते हैं, ताकि फसल चक्र प्रभावित न हो." — डॉ. वीरेंद्र कुमार, नोडल पदाधिकारी, सबौर
बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर के ग्रामीण मौसम सेवा के नोडल पदाधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण कृषि-मौसम पूर्वानुमान जारी किया है. उन्होंने बताया कि वायुमंडल में बने सिस्टम के प्रभाव से जिले में अभी कुछ दिनों तक और बारिश होने की प्रबल संभावना है.
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