Bihar News: भागलपुर में काली प्रतिमाओं के विसर्जन शोभाजुलूस देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़क किनारे जमा हुए. शहर के विभिन्न स्थानों पर शनिवार को भी मां काली की पूजा-अर्चना हुई. शाम को महाआरती हुई. इसके बाद विसर्जन शोभायात्रा की तैयारी शुरू हो गयी. सभी स्थानों पर पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों, झांकी का एक अलग रथ व प्रतिमा का विशेष रथ सजाया गया था. रविवार को कतार लगाकर प्रतिमाओं को गंगा घाट की ओर ले जाया गया.
भागलपुर में काली प्रतिमा विसर्जन शोभा जुलूस
भागलपुर में काली प्रतिमा विसर्जन के दौरान इस बात का ख्याल रखा जाता है कि सबसे पहले परबत्ती की बुढिया काली का विसर्जन होता है. जुलूस में सबसे आगे यही प्रतिमा रहती है. शनिवार की देर रात से प्रतिमाओं को लेकर श्रद्धालु गंगा घाट की ओर बढ़ने लगे. बता दें कि शहर में प्रतिमा विसर्जन करीब 24 घंटे से अधिक समय लग जाता है. इसे लेकर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भी बदली रहती है.
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कतार में लगी प्रतिमाएं
रविवार को अलग-अलग रूटों से प्रतिमाओं को लाया गया. दीपप्रभा सिनेमा से लेकर आदमपुर चौक तक कई प्रतिमाएं कतार में लगी रहीं और पुलिस प्रशासन की निगरानी में प्रतिमाओं को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया. इधर, पूरे रास्ते में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा दिखी. खासकर आदमपुर चौक पर सड़क किनारे लोगों की भीड़ जमा दिखी. इसकी वजह यह है कि यहां से प्रतिमाओं को घाट की ओर मोड़ा जाता है. लोगों को दर्शन के पर्याप्त समय मिल जाते हैं.
पारंपरिक हथियार लहराकर शक्ति प्रदर्शन
��ससे पहले शनिवार को कोयला घाट की प्रतिमा शोभायात्रा घोड़े से सजे घुड़सवार स्टेशन चौक समय से पहले पहुंच गये थे. यहां पर युवाओं की टोली गाजे-बाजे की धुन पर थिरक रहे थे, तो श्रद्धालु पारंपरिक हथियार लहराकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे.
महिलाओं ने भी कला का किया प्रदर्शन
विसर्जन शोभायात्रा के दौरान सभी स्थानों पर पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों, झांकी का एक अलग रथ व प्रतिमा का विशेष रथ सजाया गया था. कोई आग से तो कोई अस्त्र-शस्त्र से अपनी कलाकारी दिखा रहे थे. महिलाओं ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और शस्त्र से कला दिखाया.
