Bhagalpur Flood Alert: भागलपुर में मानसून के सक्रिय होते ही गंगा और कोसी नदी के जलस्तर पर प्रशासन की नजर लगातार बनी हुई है. संभावित बाढ़ और कटाव से निपटने के लिए बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया ने सभी बाढ़ पूर्व तैयारियां पूरी कर ली हैं. विभाग ने 27 संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां विशेष निगरानी शुरू कर दी है. साथ ही इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध पर अतिरिक्त चौकसी बरती जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.
बाढ़ से पहले संसाधनों का बड़ा भंडारण
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार ने बताया कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा दी गई है.
विभाग के पास 1.50 लाख बोरियां, 50 हजार एनसी, 30 हजार जियो बैग, 3 हजार मेगा बैग और करीब 3 हजार एमक्यू पत्थर तैयार रखे गए हैं. इसके अलावा आपात स्थिति में राहत कार्यों के लिए दो ट्रैक्टर एंबुलेंस भी तैनात किए गए हैं.
27 संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी
विभाग ने गंगा और कोसी के तटवर्ती इलाकों में 27 स्थानों को बाढ़ और कटाव की दृष्टि से संवेदनशील घोषित किया है.
इन सभी स्थानों पर अभियंताओं की टीम लगातार निगरानी कर रही है. जलस्तर में किसी भी असामान्य बदलाव की सूचना मिलते ही तत्काल फ्लड फाइटिंग शुरू करने की तैयारी की गई है.
इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध पर सबसे ज्यादा फोकस
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध इस समय सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है.
यहां करीब एक लाख बालू भरी बोरियों का भंडारण कराया जा रहा है, ताकि कटाव या तटबंध पर दबाव बढ़ने की स्थिति में तुरंत मरम्मत और सुरक्षा कार्य शुरू किया जा सके.
अभियंता, सुरक्षा गार्ड और राहत दल तैनात
बाढ़ की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए विभाग ने 86 ग्रामीण सुरक्षा गार्ड, 14 कनीय अभियंता और 4 सहायक अभियंताओं की टीम तैयार रखी है.
ये टीमें 24 घंटे निगरानी के साथ जरूरत पड़ने पर तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू करेंगी.
Bhagalpur Flood Alert: प्रशासन ने कहा- किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार
कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल की टीमें 24×7 अलर्ट मोड में हैं. जलस्तर और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है.
विभाग का दावा है कि संभावित बाढ़ और कटाव से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
ये भी पढ़ें: 'मुझे वैभव सूर्यवंशी की नहीं...', इंग्लैंड के दिग्गज ने बताई भारतीय टीम की असली चुनौती
