मुख्य बातें:
भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट
Bhagalpur Bar Association Election: भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद भागलपुर जिला विधिज्ञ संघ (District Bar Association) के आगामी चुनाव को लेकर वकीलों में भारी उत्साह देखा जा रहा है. आगामी 8 जुलाई को होने वाले मतदान को लेकर निर्वाची पदाधिकारी (Election Officer) की देखरेख में तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई हैं. चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशी लगातार अपना पर्चा दाखिल कर रहे हैं. गुरुवार की शाम तक नामांकन दाखिल करने की अंतिम समय-सीमा तय की गई है, जिससे कचहरी परिसर में गहमा-गहमी का माहौल बना हुआ है.
अध्यक्ष और महासचिव पद के लिए कई चर्चित चेहरे मैदान में
चुनाव में अलग-अलग पदों के लिए अब तक सामने आए प्रमुख प्रत्याशियों और समीकरणों की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- नामांकन का आंकड़ा: बुधवार तक कुल 76 अधिवक्ताओं ने विभिन्न पदों के लिए अपने नामांकन के पर्चे दाखिल कर दिए थे, जबकि अंतिम दिन गुरुवार की शाम तक इस संख्या में और बढ़ोतरी होने की संभावना है.
- अध्यक्ष पद की रेस: शीर्ष पद के लिए वर्तमान अध्यक्ष विरेश प्रसाद मिश्रा के अलावा मुक्ति प्रसाद सिंह, देवेंद्र कुमार वर्मा और रेणु कुमारी घोष जैसे कई चर्चित और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपनी दावेदारी पेश की है.
इसके साथ ही उपाध्यक्ष पद के लिए ओम प्रकाश तिवारी, भोला कुमार मंडल और बंदना कुमारी मैदान में हैं. वहीं, संघ के सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले महासचिव (General Secretary) पद के लिए मृत्युंजय कुमार सिंह, अनिल प्रसाद और अजय कुमार मिश्रा सहित कई दिग्गजों ने पर्चा भरा है. संयुक्त सचिव, सहायक सचिव, सीनियर मेंबर और ऑडिटर पदों के लिए भी दर्जनों वकीलों ने नामांकन कराया है.
Bhagalpur Bar Association Election: कोर्ट रूम से लेकर सोशल मीडिया तक डिजिटल प्रचार तेज
नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद ही उम्मीदवारों ने वोटरों को साधने के लिए जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है. प्रत्याशी कोर्ट के समय के अलावा सुबह-शाम फोन और व्यक्तिगत मुलाकातों के जरिए अधिवक्ता मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं. इस बार के चुनाव में डिजिटल प्रचार का भी खूब सहारा लिया जा रहा है.
प्रत्याशियों की ओर से फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नामांकन की तस्वीरें पोस्ट कर समर्थन मांगा जा रहा है. दिलचस्प बात यह है कि जो अधिवक्ता नियमित रूप से कोर्ट में प्रैक्टिस नहीं कर रहे हैं लेकिन उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार विशेष रूप से उनके मोबाइल नंबर का जुगाड़ कर उनसे वोट देने की अपील कर रहे हैं.
