Aaj Ka Darshan: भागलपुर के ऐतिहासिक बाबा बूढ़ानाथ मंदिर में शुक्रवार सुबह पारंपरिक विधि-विधान के साथ सरकारी पूजा संपन्न हुई. सावन के पावन माह में आयोजित इस विशेष अनुष्ठान में भगवान शिव का गंगाजल, पंचामृत, फूल और फलों से भव्य अभिषेक किया गया. सुबह की आराधना के दौरान मंदिर का वातावरण पूरी तरह शिवमय और भक्तिमय नजर आया.
बाबा बूढ़ानाथ मंदिर भागलपुर की धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र है. सावन और अन्य विशेष अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं.
वैदिक मंत्रों के बीच हुआ विशेष अभिषेक
शुक्रवार सुबह सरकारी पूजा महंत शिवनारायण गिरि के सान्निध्य में संपन्न हुई. धार्मिक अनुष्ठान को पंडित अभिषेक पांडेय ने वैदिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया.
पूजा के दौरान गंगाजल, पंचामृत, फूल और फलों से भगवान शिव का अभिषेक किया गया. वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया.
मंदिर प्रबंधन ने की विशेष व्यवस्था
सरकारी पूजा और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रबंधन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी.
मंदिर के प्रबंधक बाल्मिकी सिंह ने पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित किया. श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे.
पट खुलते ही उमड़ पड़े श्रद्धालु
सरकारी पूजा और आरती समाप्त होने के बाद मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए.
सुबह से बाबा बूढ़ानाथ के दर्शन का इंतजार कर रहे श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर परिसर में प्रवेश करने लगे. भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगल की कामना की.
'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
पट खुलने के बाद पूरे मंदिर परिसर में 'हर-हर महादेव' और 'बाबा बूढ़ानाथ की जय' के जयघोष लगातार गूंजते रहे.
श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की. लगातार हो रहे भजन, मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया.
भागलपुर की आस्था का प्रमुख केंद्र है बाबा बूढ़ानाथ मंदिर
बाबा बूढ़ानाथ मंदिर भागलपुर के सबसे प्रसिद्ध शिव मंदिरों में गिना जाता है. सावन, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
स्थानीय लोगों के लिए यह मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण केंद्र है. यही कारण है कि हर सुबह यहां होने वाली आरती और सरकारी पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैंAaj Ka Darshan: भागलपुर के बाबा बूढ़ानाथ मंदिर में सरकारी पूजा, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
