Bhagalpur Airport: हवाई अड्डे की सुरक्षा और मानकों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम की अतिक्रमण शाखा ने यह बड़ी कार्रवाई शुरू की है. चिन्हित किए गए सभी 845 भवन मालिकों को एक सप्ताह के अंदर अपने मकान का स्वीकृत नक्शा या फिर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नगर निगम कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा. ऐसा न करने वाले निर्माणों को पूरी तरह अवैध घोषित कर उन पर बुलडोजर चलाया जाएगा.
अवैध निर्माण की आशंका पर जारी हुआ सामूहिक नोटिस
नगर निगम की अतिक्रमण शाखा के प्रभारी जयप्रकाश यादव ने बताया कि हवाई पट्टी और एयरपोर्ट सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर बनाए गए भवनों को चिन्हित किया गया है. फिलहाल इन सभी 845 भवनों को अवैध निर्माण की आशंका के आधार पर नोटिस थमाया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा नियमों के तहत की जा रही है. जिन मकान मालिकों के पास पहले से स्वीकृत नक्शा या विमानपत्तन प्राधिकरण की वैध एनओसी मौजूद है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है; उनके निर्माण को पूरी तरह वैध माना जाएगा.
समय सीमा समाप्त होते ही शुरू होगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
अतिक्रमण शाखा प्रभारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि सात दिनों की दी गई मोहलत को अंतिम समझा जाए. निर्धारित समयावधि के भीतर यदि कोई गृहस्वामी आवश्यक कागजात दिखाने में विफल रहता है, तो उसके मकान को बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के अवैध निर्माण की अंतिम श्रेणी में डाल दिया जाएगा. इसके बाद नगर निगम की टीम पुलिस बल के सहयोग से इन अवैध ढांचों को मलबे में तब्दील करने (ध्वस्त करने) का अभियान शुरू करेगी.
राहत की उम्मीद: वैध हो सकने वाले नक्शों को स्वीकृत करने का भी विकल्प
इस कड़े रुख के बीच नगर निगम प्रशासन ने आम जनता को एक छोटी सी राहत देने की बात भी कही है. प्रभारी जयप्रकाश यादव के अनुसार, जांच के दौरान जिन भवनों के निर्माण में मामूली तकनीकी कमियां पाई जाएंगी और जिन्हें नियमों के दायरे में रहकर वैध (नियमित) किया जाना संभव होगा, उन्हें नगर निगम प्रशासन की ओर से भवन नक्शा स्वीकृत कराने का एक मौका और विशेष सुविधा दी जाएगी.
हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि जो भवन पूरी तरह से नियमों की अनदेखी कर बनाए गए हैं और जिनसे हवाई अड्डे के संचालन में बाधा आ रही है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और बुलडोजर चलना पूरी तरह तय है. इस नोटिस के बाद से हवाई अड्डा क्षेत्र के बाशिंदों के बीच अपने आशियाने को बचाने के लिए जरूरी कागजात जुटाने की होड़ मच गई है.
