जमीन की जंग और एनओसी के इंतजार ने अटका रखा है 620 युवाओं का भविष्य

भागलपुर जिला मुख्यालय में 620 युवाओं के प्रशिक्षण की क्षमता वाला अटल कला भवन का निर्माण नहीं हो सका.

भागलपुर जिला मुख्यालय में 620 युवाओं के प्रशिक्षण की क्षमता वाला अटल कला भवन का निर्माण नहीं हो सका. कभी इसके लिए बरारी स्थित मेडिकल कॉलेज की जमीन चिह्नित की गयी, कभी कला केंद्र में बनाने का निर्णय लिया गया, तो कभी संतनगर स्थित एक सरकारी भूमि पर बनाने के लिए प्रस्तावित किया गया. सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के समीप जमीन चिह्नित करने बाद जगदीशपुर के सीओ ने प्रस्ताव जिला मुख्यालय को भेज भी दिया था, लेकिन मेडिकल कॉलेज से एनओसी नहीं मिली. नतीजतन भूमि ट्रांसफर नहीं हो सकी.

क्या है योजना ?

जानकारी के अनुसार, पहले मेडिकल कॉलेज की जमीन चिह्नित की गयी है. भूमि ट्रांसफर होने के बाद निर्माण की कार्रवाई शुरू हो पाती. अटल कला भवन में कला की विभिन्न विधा का प्रशिक्षण मिलना है. इसमें युवक-युवतियां गायन, वादन और नृत्य की ट्रेनिंग लेंगे. सेंटर पर संध्याकाल में तीन से चार घंटे गायन, वादन, नृत्य व अभिनय की क्लास चलेगी. प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवाओं को फिल्म, सीरियल, थियेटर और मनोरंजन से संबंधित क्षेत्र में रोजगार मिलेगा. उन्हें अपनी पहचान बनाने का मौका मिलेगा.

19.73 करोड़ से निर्माण का है निर्णय

अटल कला भवन के निर्माण पर 19 करोड़ 73 लाख 26 हजार रुपये की लागत आयेगी. यहां ट्रेनिंग देने के लिए प्रशिक्षक सरकार द्वारा नियुक्त किये जायेंगे. प्रशिक्षण केंद्र के साथ इसका उपयोग प्रेक्षागृह के रूप में भी होगा. इसके निर्माण के लिए बिहार सरकार के सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की विशेष कार्य पदाधिकारी अमृता प्रीतम ने जिलाधिकारी से जमीन मांगी थी. निदेशालय ने लगभग दो एकड़ (300 गुना 200 वर्गफीट) जमीन की मांग की थी.

भागलपुर में कलाकारों के लिए प्रेक्षागृह नहीं

भागलपुर में कलाकारों के लिए एक भी प्रेक्षागृह उपलब्ध नहीं है. अंग सांस्कृतिक भवन बना है, पर इसमे विभिन्न कारणों से सिर्फ सरकारी कार्यक्रम ही होते हैं. टाउन हॉल का किराया इतना अधिक है कि सामान्य कलाकार उस तरफ देख भी नहीं पाते हैं. गोपाल सिंह नेपाली मंच जर्जर स्थिति में है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >