दुकानों में शॉर्ट सर्किट से आग लग जाती है और लाखों का सामान जलकर राख हो जाता है. ऐसे में बिजली विभाग की ओर से ऐप से लाइन कट की व्यवस्था हो, ताकि ऐसी क्षति दुकानदार, उद्यमी व आमलोगों को नहीं हो सके. उक्त बातें इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष शरद सलारपुरिया ने बिजली विभाग के पदाधिकारियों के समक्ष व्यवसायी वर्ग की समस्या से अवगत कराते हुए कही. मौका था आनंद चिकित्सालय रोड स्थित चेंबर कार्यालय में रविवार को प्रभात खबर की ओर से इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों, विभिन्न सेक्टर के कारोबारी व उद्यमी व बिजली विभाग के पदाधिकारियों के बीच संवाद का आयोजन का. भागलपुर शहरी के कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार एवं विद्युत सब डिविजन भागलपुर के सहायक अभियंता स्वर्णिम कुमार ने उनकी मांगों को पूरा करने व समस्या समाधान कराने का आश्वासन दिया. इससे पहले बारी-बारी से कारोबारियों व उद्यमियों ने अपनी-अपनी समस्या रखी. फिर उनके सवालों का जवाब बिजली विभाग के पदाधिकारियों ने दिया. इससे पहले चेंबर के महामंत्री सीए पुनीत चौधरी ने विषय प्रवेश कराया, तो पीआरओ उज्जैन जैन मालू ने अतिथियों का स्वागत किया. मौके पर कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम कोटरीवाल, खाद्यान्न कारोबारी संदीप खंडेलवाल, चेंबर सचिव दीपक शर्मा आदि उपस्थित थे. व्यवसायी प्रतिनिधि व कारोबारियों ने संवाद में उठाया सवाल – डोमेस्टिक व कॉमर्शियल में दोनों में सेटलमेंट के नाम पर पैसा कट जाता है, जबकि डोमेस्टिक में 125 यूनिट तक बिजली फ्री है. अजय डोकानिया – मोजाहिदपुर में एक मीटर कनेक्शन है. लोड वायर के लिए रसीद कटवाया, लेकिन कोई घर पर संपर्क करने नहीं पहुंचा. कंज्यूमर बार-बार ऑफिस क्यों दौड़ेगा. राहुल झुनझुनवाला – पोस्टपेड से प्रीपैड में मोबाइल नंबर बदलने का प्रावधान है क्या, इसकी जानकारी उपलब्ध कराने की जरूरत है. गौरव बंसल – मीटर के संचालक का नाम चेंज करने का प्रावधान क्या है. कई लोगों को ऐसी समस्या है. संदीप जैन किराना एसोसिएशन के अध्यक्ष – बड़ी पोस्ट ऑफिस के समीप 11 हजार का वायर कवरिंग नहीं हुआ है. एक्सीडेंट होने का डर बना रहता है. राजेश बंका : – बियाडा में 11 हजार वोल्ट तार में कई फॉल्ट है. कई बार बिजली कटती है. उद्यमियों के लिए स्थायी समाधान हो. आलोक अग्रवाल, इस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष – विसर्जन मार्ग में कवर वायर हो और कवर कंडक्टर की सुविधा मिले, ताकि व्यापारियों को घंटों बिजली संकट नहीं झेलनी पड़े. प्रदीप जैन, चेंबर के सचिव – अपना पेट्रोल पंप है, जहां बिजली बिल एडवांस देने के बाद भी जेनरेटर चलाना पड़ रहा है. गोविंद अग्रवाल, इबिया के अध्यक्ष – फिक्स चार्ज की आवश्यकता कहां रह गयी है. अजीत जैन, चेंबर उपाध्यक्ष – बिजली कंपनी जब कॉरपोरेट हो गया, तो अर्न भी कर रहा है. जब प्रिपेड मीटर लगाया गया, तो फिक्स चार्ज कैसे लग रहा है. शरद सलारपुरिया, चेंबर अध्यक्ष – बिजली पोल से ट्रैफिक की समस्या आ रही है. बीच सड़क पर पोल लगे हैं. सीए पुनीत चौधरी, चेंबर महामंत्री – मीटर चालू है, वहां कोई नहीं रहता है. टेम्पररी मीटर बंद कराना है. सुनील बुधिया, टेक्सटाइल चेंबर महामंत्री बिजली पदाधिकारियों ने व्यापारी प्रतिनिधि के सवाल का दिया जवाब – 125 यूनिट से एक भी यूनिट बिजली यूज करने पर शुल्क लगेगा. जेई-रेवेन्यू से बिल संबंधी समस्या का समाधान कराएं. दिक्कत होगी तो बात करेंगे. – स्मार्ट मीटर आने से ह्यूमन इरर की समस्या दूर हो गयी है. इक्का-दुक्का समस्या हो सकती है. – कोई भी कनेक्शन संबंधी समस्या है, जेई के व्हाट्सएप्प पर भेजें, समाधान होगा. – नाम चेंज कराने का प्रावधान है, लिखित रूप से आवेदन करना होगा, हालांकि सारा एविडेंस प्रस्तुत करना होगा और एई से मिलना होगा. – कवर वायर का काम हो रहा है. गार्ड वायर रोड क्रॉसिंग में करते हैं. हालांकि, सभी जगह जरूरी है. – बियाडा में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अलग यूनिट बनायी जा रही है. – मीटर व पोल के बीच तार में कट नहीं हो, शक के घेरे में रहता है. – विसर्जन मार्ग के तार की समस्या का समाधान किया जा रहा है, लेकिन स्थायी समाधान अंडरग्राउंड वायर करने से होगा. कवर वायर में झटका लगता है ओर अफरातफरी का भय रहता है. – फिक्स चार्ज पोल-ट्रांसफर्मर व अन्य बिजली व्यवस्था चलाने के लिए लिया जाता है, जबकि बिजली सप्लाई में कोई खास मुनाफा नहीं होता. – शॉर्ट सर्किट से बचाव के लिए एमसीबी लगाने की जरूरत है. हालांकि, बिजली विभाग की ओर से टेक्नोलॉजी विकसित की जा रही है. इस पर ध्यान दिया जायेगा. – पोल शिफ्टिंग का काम हो रहा है, बीच सड़क से हटाया भी जा रहा है, लेकिन हरेक पाेल की समस्या केवल बिजली विभाग से नहीं होती. सड़क व अन्य विभाग से भी होती. इसमें स्थानीय लोग भी भागीदार होते हैं.
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