टीएमबीयू के पूर्व रजिस्ट्रार डाॅ विकास चंद्रा के साथ मारपीट मामले में विवि के आरोपित कर्मचारी काे हाइकाेर्ट से अग्रिम जमानत मिल गयी है. जस्टिस नवनीत कुमार पांडेय के काेर्ट ने आरोपित कर्मचारी असीम कुमार, दिलीप कुमार झा व सुरेंद्र ठाकुर की अग्रिम जमानत की अर्जी मंजूर कर ली है. साथ ही काेर्ट ने दिलीप कुमार झा काे इस शर्त के साथ अग्रिम जमानत दी है कि उन्हें निचली अदालत में आरोप तय हाेने तक सुनवाई की हर तिथि पर उपस्थित हाेना है. जबकि उक्त दो कर्मचारी के साथ कोर्ट ने शर्त नहीं रखा है. बताया जा रहा है कि विकास चंद्रा काे दिलीप झा ने मुक्का मारा था. इसका साक्ष्य सामने आया था. ऐसे में कोर्ट ने सशर्त जमानत दिलीप झा को दी है.
पूर्व रजिस्ट्रार के बर्ताव से कर्मचारियों में थी नाराजगी
पूर्व रजिस्ट्रार के बर्ताव से विवि कर्मचारियों में नाराजगी थी. काेर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाई के दौरान दाेनाें पक्षाें के वकीलाें ने अपनी-अपनी बात रखी. असीम कुमार, दिलीप कुमार झा व सुरेंद्र ठाकुर की तरफ से बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट को तर्क देते हुए कहा कि रजिस्ट्रार रहे विकास चंद्रा के बारे में बताया कि वह लंबे समय तक फाइलों को राेक कर रखते थे. कर्मचारियों के भुगतान से संबंधित फाइल भी लंबित रखे हुए थे. जबकि कुलपति ने भुगतान का आदेश दिया था. काेर्ट काे इससे जुड़ी खबराें की कतरन भी दिखायी गयी. उधर, पूर्व रजिस्ट्रार के वकील ने भी अग्रिम जमानत का विराेध किया, लेकिन काेर्ट ने सुनवाई के दाैरान उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर विकास चंद्रा के कर्मचारियों के प्रति बर्ताव काे नाराजगी का कारण मानते हुए अग्रिम जमानत की याचिका स्वीकार की.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
