Bhagalpur News: जहर से एएनएम की छात्रा साक्षी की हुई थी मौत : बिसरा रिपोर्ट

22 फरवरी 2024 को नर्सिंग स्कूल कहलगांव की छात्रा साक्षी कुमारी की संदिग्ध स्थित में हुई मौत मामले में बिसरा रिपोर्ट आ गयी है

साक्षी हत्याकांड

= नर्सिंग स्कूल कहलगांव के हॉस्टल में रह रही थी अकबरनगर चिचरौन की साक्षी

= पिता ने जांच में पुलिस पर मामले की लीपापोती करने का लगाया आरोप

असद अशरफी, कहलगांव

22 फरवरी 2024 को नर्सिंग स्कूल कहलगांव की छात्रा साक्षी कुमारी की संदिग्ध स्थित में हुई मौत मामले में बिसरा रिपोर्ट आ गयी है. रिपोर्ट के मुताबिक साक्षी की मौत का कारण जहर था. एक वर्ष से ज्यादा समय बीतने के बाद मामला एक बार फिर से तूल पकड़ने लगा है. साक्षी की बिसरा रिपोर्ट में एल्यूमीनियम फॉस्फेट (सल्फास) से मौत होने की पुष्टि हुई है. मृतका अकबरनगर थाना क्षेत्र के इंग्लिश चिचरौन की रहने वाली थी. मृतका के पिता नागेंद्र साह ने पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस अभी तक रसोइया के अलावा किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की है. जबकि, हॉस्टल के गार्ड संजय कुमार का एंटीसेप्टिक बेल भी रिजेक्ट हो चुका है. बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं की गयी है.

पिता के बयान पर वार्डन, प्राचार्य सहित सात पर हुई थी नामजद प्राथमिकी

साक्षी के पिता ने बेटी की मौत का जिम्मेदार बताते हुए नर्सिंग स्कूल के हॉस्टल के वार्डन अनिमा कुमारी, प्राचार्य अर्चना कुमारी, अस्पताल के तत्कालीन प्रभारी उपाधीक्षक डाॅ आनंद मोहन सहित सात लोगों पर 22 फरवरी 2024 को कहलगांव थाने में मामला दर्ज कराया था. केस के आइओ दुबे देवगुरु ने बताया कि बिसरा रिपोर्ट आ गयी है. पूर्व से ही हत्या का मामला दर्ज है. अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए जांच की जा रही है.

हत्या आरोपित प्राचार्य को दोबारा दे दी एएनएम स्कूल की जिम्मेदारी

हास्यास्पद विषय यह बना हुआ है कि एएनएम स्कूल की जिस तत्कालीन प्राचार्य अर्चना कुमारी पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया गया है, जिसे पुलिस कार्रवाई के बाद जेल में होना चाहिए था, उसे ही दोबारा प्राचार्य की जिम्मेदारी दे दी गयी. स्वास्थ्य विभाग के इस निर्णय की चारों ओर किरकिरी हो रही है. इससे छात्राओं में भी रोष है.

छटपटा रही थी साक्षी, और अस्पताल ले जाने में की गयी थी देरी

22 फरवरी 2024 की रात में कहलगांव नर्सिंग स्कूल की छात्रा साक्षी कुमारी की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गयी थी. हॉस्टल में रहने वाली साक्षी के रूम मेट में गुस्सा इस बात से था कि साक्षी की तबीयत बिगड़ने के समय वार्डन नहीं थीं. सूचना मिलने के काफी देर बाद वार्डन और प्राचार्य आये. उसके बाद उसे अस्पताल भेजा गया था, तब तक उसकी स्थिति खराब हो चुकी थी. साक्षी की मौत के बाद दो दिनों तक नर्सिंग स्कूल में हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा. दो दिनों के बाद तत्कालीन एसडीपीओ कहलगांव शिवानंद सिंह ने मामले की जांच कर दोषी को सजा दिलाने का आश्वासन दिया. आश्वासन के बाद छात्रा के शव को हॉस्टल के बाहर से उठाया गया था.

-कोट-

प्राचार्य की नियुक्ति स्टेट लेवल से होती है. वहीं के आदेश पर अर्चना कुमारी को एएनएम स्कूल कहलगांव का प्राचार्य बनाया गया है.

– डॉ अशोक प्रसाद, सिविल सर्जन

अभी कुछ दिन पूर्व ही मैं यहां आया हूं. केस की फाइल पढ़ने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है.

– कल्याण आनंद, एसडीपीओB

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Author: SANJIV KUMAR

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