bhagalpur news. अंगिका की कविताओं ने श्रोताओं के मन को छुआ
कला-संस्कृति विभाग व जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय मकर संक्रांति महोत्सव का समापन गुरुवार को कवि सम्मेलन व नाटक मंचन के साथ हो गया.
कला-संस्कृति विभाग व जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय मकर संक्रांति महोत्सव का समापन गुरुवार को कवि सम्मेलन व नाटक मंचन के साथ हो गया. संग्रहालय परिसर स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित कवि सम्मेलन में डॉ मनजीत सिंह किनवार ने कोर-कसर अंगिका कविता सुनाकर श्रोताओं को खूब गुदगुदाया. टवींकल शांडिल्य, सुधीर प्रोग्रामर, त्रिलोकीनाथ दिवाकर तथा पुर्णेन्दु चौधरी की अंगिका कविता ने दर्शकों से भरे प्रेक्षागृह को उत्साह से भर दिया. स्वागत उद्बोधन में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने कहा कि कला एवं संस्कृति विभाग का उद्देश्य न केवल अपनी संस्कृति से आम जनमानस को जोड़ना है, बल्कि कला एवं कलाकारों के उत्थान के लिए प्रयासरत रहना भी है. कलाकार जैसे अपने मंचन के क्रम में दर्शक चाहते हैं, वैसे ही दूसरे कलाकारों की प्रस्तुतियों में भी अपनी सहभागिता और उपस्थिति दें. इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत चंद्रकिशोर ठाकुर ने अंगिका गणेश वंदना से की. शिक्षाविद राजीवकांत मिश्रा ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे लोक पर्व पर इतने कलाकारों और साहित्यकारों को मंच देते हुए कला और कलाकारों जोड़ने का प्रयास सराहनीय है. भास रचित नाटक मध्यम व्यायोग की परिकल्पना साहिल राज एवं निदेशन मिथलेश कुमार ने की. मंच पर सूत्रधार प्रिया कुमारी, ब्राह्मण नीतू कुमारी, ब्राह्मणी माही कुमारी, प्रथम पुत्र पूजा कुमारी, मध्यम पुत्र सोनू कुमार, घटोत्कच आदित्य राज चौधरी, कनिष्ठ पुत्र पीयूष कुमार, भीम स्वाति कुमारी, हिडिंबा रोशनी कुमारी, कोरस-शगुन कुमारी, कुमकुम कुमारी, अंजली कुमारी, रचना कुमारी, गुंजन राज, मुंद्रिका कुमारी, आयुष कुमार, स्वस्ति कुमारी, प्रियांशु कुमार, चिराग कुमार, शिवम कुमार, चंदन कुमार, रंजन कुमार, अमित कुमार, राजा कुमार, ऋषि कुमार, संगीत (सितार वादन), नमन कुमार, सेट एवं प्रॉप्स, विक्की कुमार, मेकअप, मोनिका कुमारी, प्रेम केडिया एवं प्रकाश व्यवस्था-विनय कुमार व सुमित कुमार मिश्रा ने की.
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