भागलपुर से विद्यासागर की रिपोर्ट:
Anand Bagh Drain Construction: नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-34 अंतर्गत भीखनपुर के आनंदबाग मोहल्ले में नाला निर्माण को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सड़क के बीचों-बीच बनाए गए नाले ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है. लोगों का कहना है कि यह निर्माण राहत देने के बजाय उनके लिए नई मुसीबत बन गया है.
सड़क से तीन फीट ऊंचा बना दिया नाला
मोहल्लेवासियों का आरोप है कि नाले का निर्माण सड़क से करीब तीन फीट ऊंचाई पर ढक्कन सहित कर दिया गया है. इससे घरों के सामने दीवार जैसी स्थिति बन गई है. लोगों का कहना है कि अब घरों से निकलना और वाहनों का आवागमन भी मुश्किल हो गया है.
निर्माण के दौरान नहीं सुनी गई आपत्ति
स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य शुरू होने के दौरान ही उन्होंने इसका विरोध किया था, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया. लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान किसी इंजीनियर को मौके पर नहीं देखा गया और पूरा काम मिस्त्रियों के भरोसे कराया गया.
70 से 80 घरों पर मंडरा रहा जलजमाव का खतरा
मोहल्लेवासियों का कहना है कि बरसात के दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं. उनका अनुमान है कि करीब 70 से 80 घरों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो सकती है. लोगों का कहना है कि यदि घरों को नाले के स्तर तक ऊंचा करना पड़ा तो लाखों रुपये खर्च होंगे.
लोगों ने उठाया बड़ा सवाल
स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से सवाल करते हुए कहा कि नाला निर्माण पर जितना खर्च हुआ है, उससे हजारों गुना अधिक राशि घरों के फर्श को ऊंचा करने में लगेगी. आखिर इसका भुगतान कौन करेगा? लोगों ने मांग की है कि नगर निगम के इंजीनियर मौके पर पहुंचकर बताएं कि मौजूदा स्थिति में वे अपने घरों से बाहर कैसे निकलें.
मेयर ने जांच का दिया आश्वासन
मामले को लेकर नगर निगम की मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने कहा कि पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी और नाले की जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि नाला मानक से ऊपर या गलत तरीके से बनाया गया है तो संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा.
वार्डों में दुरुस्तीकरण कार्य के लिए राशि आवंटित
मेयर ने बताया कि नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में तीन-तीन लाख रुपये की राशि से नाला और कलवर्ट मरम्मत सहित अन्य दुरुस्तीकरण कार्य कराए जाएंगे. टूटी हुई नालियों के ढक्कन, क्षतिग्रस्त कलवर्ट और अन्य जरूरी मरम्मत कार्य इसी राशि से किए जाएंगे.
