Bhagalpur News. भागलपुर देश का पहला जिला, जिसके सभी आकांक्षी प्रखंडों को मिला है गोल्ड मेडल
भागलपुर के सभी आकांक्षी प्रखंडों को मिला है गोल्ड मेडल.
पांच आकांक्षी प्रखंडों की प्रगति पर नीति आयोग की समीक्षा, कई सूचकों में शत प्रतिशत उपलब्धिसमीक्षा भवन में जिले के आकांक्षी प्रखंडों जगदीशपुर, पीरपैंती, सबौर, सन्हौला एवं सुल्तानगंज की प्रगति की समीक्षा एवं अवलोकन के लिए बैठक हुई. अध्यक्षता नीति आयोग द्वारा प्रतिनियुक्त केंद्रीय प्रभारी अधिकारी (सीपीओ) प्रवीण रंजन, निदेशक, वित्त विभाग ने की. जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी भी शामिल हुए. प्रवीण रंजन ने जिले में किये गये कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए सराहना की. बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप सिंह, सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद, संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, अग्रणी बैंक प्रबंधक अभिनव बिहारी , डीआरडीए निदेशक, जिला कृषि, पशुपालन, मत्स्य पदाधिकारी, डीपीओ शिक्षा विभाग, डीपीओ आईसीडीएस सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे. पांचों प्रखंडों के बीडीओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े रहे.
40 प्रगति सूचकों पर दी गयी जानकारी
जिला योजना पदाधिकारी मोनू कुमार ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से वर्ष 2023 से अब तक सभी विभागों के लिए निर्धारित 40 प्रगति सूचकों की स्थिति से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि नीति आयोग द्वारा आकांक्षी प्रखंडों के लिए कुल 40 सूचक बनाये गये हैं, जिनकी प्रगति के आधार पर आकांक्षी प्रखंड को सामान्य प्रखंड में लाया जा सके. भागलपुर जिला के सभी पांच प्रखंडों में कई सूचकों (इंडिकेटर) में लगभग शत प्रतिशत उपलब्धि मिल गयी है. स्वास्थ्य विभाग के लिए निर्धारित सातों सूचकों, जिनमें प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, निम्न जन्म दर, उच्च रक्तचाप और मधुमेह नियंत्रण एवं टीवी मामलों में कमी शामिल है, जिसमें लगभग शत प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गयी है.सभी आकांक्षी प्रखंडों को यह सम्मान मिला
विगत वर्ष 2024 में इन प्रखंडों में संपूर्णता अभियान चलाया गया था. अभियान के तहत छह प्रमुख सूचकों में शत प्रतिशत संतृप्तता के लिये जिले के सभी पांच आकांक्षी प्रखंडों को गोल्ड मेडल प्रदान प्राप्त हुआ है. भागलपुर देश का एकमात्र जिला है, जहां सभी आकांक्षी प्रखंडों को यह सम्मान मिला है.
मिशन-45 की राज्य और केंद्र स्तर पर सराहना
पोषण के लिये निर्धारित सातों पैरामीटर में भी लगभग शत प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गयी है. अति कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के उद्देश्य से चलाये गये मिशन-45 की राज्य और केंद्र स्तर पर सराहना की गयी है. शिक्षा विभाग के 11, कृषि विभाग के पांच, आधारभूत संरचना के पांच एवं सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न पैरामीटर में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
