Bhagalpur News: सभी पदाधिकारी मोबाइल पर ई-साक्ष्य डाउनलोड कर अपलोड करें साक्ष्य : एसएसपी

पुलिस मुख्यालय की एससीआरबी प्रशाखा की ओर से बुधवार को भागलपुर रेंज के पदाधिकारियों को ई-साक्ष्य, सीसीटीएनएस आदि विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण का आयोजन टाउन हॉल में किया गया था.

– ई-साक्ष्य और सीसीटीएनएस आदि विषयों पर पुलिस पदाधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

संवाददाता, भागलपुर

पुलिस मुख्यालय की एससीआरबी प्रशाखा की ओर से बुधवार को भागलपुर रेंज के पदाधिकारियों को ई-साक्ष्य, सीसीटीएनएस आदि विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण का आयोजन टाउन हॉल में किया गया था. जिसमें भागलपुर रेंज के भागलपुर, बांका और नवगछिया पुलिस जिला अधिकारी व पदाधिकारी शामिल हुए. इस दौरान पटना से आइटी एक्सपर्ट पंकज कुमार ने कई बिंदुओं पर पुलिस पदाधिकारियों को पीपीटी के माध्यम से डेमो देकर समझाया. वहीं, एक्सपर्ट ने उक्त विषयों पर पुलिस पदाधिकारियों द्वारा पूछे जा रहे सवालों का भी जवाब दिया. मौके पर भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक हृदय कांत, सिटी एसपी शुभांक मिश्रा, सिटी डीएसपी-1 अजय कुमार, साइबर डीएसपी कनिष्क श्रीवास्तव सहित तीनों पुलिस जिला के सभी एसडीपीओ, सर्किल इंस्पेक्टर, थानाध्यक्ष सहित पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे.

अनुसंधान के दौरान वादी सहित गवाहों तक का बयान ई-साक्ष्य के तहत ही लेना है

सीनियर एसपी हृदय कांत ने भी इस दौरान मौजूद पुलिस पदाधिकारियों को संबोधित किया. उन्होंने कहा है कि नये कानून के तहत साक्ष्य संकलन से लेकर अनुसंधान के दौरान की जाने वाली कार्रवाई आदि शमिल हैं. जिसमें सबसे अहम है ई-साक्ष्य. सभी पुलिस पदाधिकारियों को अपने मोबाइल में बिहार पुलिस द्वारा बनायी गयी ई-साक्ष्य एप डाउनलोड करने को कहा. घटनास्थल पर पहुंचते ही पहले ई-साक्ष्य का संकलन कर इसे एप पर अपलोड करना होगा. इधर, अनुसंधान के दौरान वादी सहित गवाहों तक का बयान ई-साक्ष्य के तहत ही लिया जाना है. पटना से आये आइटी एक्सपर्ट पंकज कुमार ने कहा कि नये कानून में ई-साक्ष्य जुटाना सबसे ज्यादा जरूरी है. किसी मामले की जांच के दाैरान वहां के गवाह व सबूत ही आपके केस काे मजबूती देंगे. इसलिए अपने-अपने माेबाइल में ई-साक्ष्य एप डाउनलाेड कर लें, उसी आधार पर जांच करें.एप के जरिये केस डायरी, स्टेशन डायरी सहित कई रिकॉर्ड कहीं भी चेक किये जा सकेंगे

एसपी सिटी शुभांक मिश्रा ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा तकनीकी साक्ष्यों के संकलन से केस और किये जा रहे अनुसंधान को मजबूती मिलेगी. साइबर डीएसपी कनिष्क श्रीवास्तव ने बताया कि जारी किये गये एप के जरिये केस डायरी, स्टेशन डायरी समेत अन्य कार्याें का रिकाॅर्ड कभी भी कहीं चेक किया जा सकता है. पूरे अनुसंधान पर वरीय पुलिस पदाधिकारियों की भी नजर रहेगी.

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Author: SANJIV KUMAR

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