bhagalpur news. एआइ व रोबोटिक्स प्रयोगशाला खुलेगी, सीखेंगे मोबाइल व लैपटॉप की मरम्मत

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (ट्रिपल आइटी) भागलपुर की 11वीं एकेडमिक सीनेट की बैठक बुधवार को संस्थान के निदेशक प्रो मधुसूदन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गयी.

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (ट्रिपल आइटी) भागलपुर की 11वीं एकेडमिक सीनेट की बैठक बुधवार को संस्थान के निदेशक प्रो मधुसूदन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. इसमें एनआइटी भोपाल के निदेशक प्रो केके शुक्ला, आइआइटी पटना के इलेक्ट्रॉनिक विभाग के हेड प्रो प्रीतम कुमार, एनआइटी पटना के सीएसई विभाग के हेड प्रो एमपी सिंह शामिल हुए. बैठक में ट्रिपल आइटी भागलपुर के निदेशक ने कहा कि संस्थान में विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, मोबाइल व लैपटॉप की मरम्मत आदि के प्रशिक्षण के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की जायेगी. प्रिंटेड सर्किट यानी पीसी बोर्ड की डिजाइनिंग, सोल्डरिंग और कटिंग के लिए डिजिटल फैब्रिकेशन लैब स्थापित होगी. छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक और सॉफ्टवेयर कंपोनेंट के विकास का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा. इन क्षेत्रों में काम करने में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता या एआइ व रोबोटिक्स प्रयोगशालाएं भी स्थापित की जायेगी. इसके लिए जगह व अन्य औपचारिकता जल्द पूरी होगी. सभी विभाग के हेड को नये पाठ्यक्रम संरचना को लागू करने और छात्रों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित करने में मदद करने के निर्देश दिये गये. कहा कि नए पाठ्यक्रम को अपनाने से छात्रों को कोर व मल्टीनेशनल सॉफ्टवेयर कंपनियों में नौकरी के अधिक अवसर मिल सकते हैं.

एकेडमिक सीनेट का एजेंडा प्रस्तुत

ट्रिपल आइटी भागलपुर के रजिस्ट्रार डॉ गौरव कुमार ने एजेंडा प्रस्तुत किया. एकेडमिक सीनेट ने मुख्य एजेंडा में बीटेक, एमटेक, पीएचडी के प्रकाशित रिजल्ट का समर्थन किया. वहीं राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार स्नातक छात्रों के पाठ्यक्रम को अपडेट करने का निर्णय लिया गया. पाठ्यक्रम संरचना में कई संशोधन किये गये हैं. बैठक में डॉ प्रदीप कुमार बिस्वाल, डॉ ध्रुवज्योति भट्टाचार्य, डॉ अभिनव गौतम, डॉ पंकज कुमार तिवारी, डॉ हिमाद्री नायक थे.

वैल्यू एडेड कोर्स को जोड़ा गया सिलेबस में

वैल्यू एडेड कोर्स जैसे एनएसएस, एनसीसी, खेल, योग आदि को करिकुलम एक्टिविटी के रूप में जोड़ा गया. वहीं एबिलिटी इनहांसमेंट कोर्स जैसे भारतीय ज्ञान प्रणाली, पर्यावरण विज्ञान और हरित प्रौद्योगिकी, विदेशी भाषाएं आदि को जोड़ा गया. वोकेशनल पाठ्यक्रम जैसे इलेक्ट्रॉनिक कार्यशाला, डिजिटल निर्माण, वेब विकास को जोड़ा गया.

चार वर्षीय कोर्स को बीच में छोड़ने पर भी सर्टिफिकेट मिलेगा

मल्टीपल एंट्री व मल्टीपल एक्जिट सिस्टम के तहत यदि छात्र प्रथम वर्ष पूरा होने के बाद कार्यक्रम छोड़ना चाहते हैं, तो उन्हें कोर्स सर्टिफिकेशन मिलेगा. द्वितीय वर्ष पूरा होने के बाद डिप्लोमा व तृतीय वर्ष पूरा होने के बाद स्नातक की डिग्री प्रदान की जा सकती है. बीटेक की डिग्री चार वर्ष का कोर्स पूरा करने के बाद मिलेगी. एक ब्रांच के छात्रों को दूसरे ब्रांच की वैकल्पिक पढ़ाई की सुविधा मिलेगी. छात्रों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान इंटर्नशिप करनी होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ATUL KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >