bhagalpur news. चयनित प्राचार्य को सर्टिफिकेट सही होने का देना होगा एफिडेविट

टीएमबीयू में आयोग से चयनित दस प्राचार्य के सर्टिफिकेट की जांच होगी

भागलपुर टीएमबीयू में आयोग से चयनित दस प्राचार्य के सर्टिफिकेट की जांच होगी. इसे लेकर चयनित प्राचार्यों को एफिडेविट देना होगा कि उनका शैक्षणिक दस्तावेज सही है. विवि में जांच की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. आयोग ने जो डोजियर विवि को उपलब्ध कराया है, उसमें अर्हता, अनुभव प्रमाण पत्र, आरक्षण कोटि सहित सभी शैक्षणिक दस्तावेजों के प्रमाण पत्रों व स्वास्थ्य आदि से जुड़े सर्टिफिकेट की जांच की जायेगी. दरअसल, सरकार के उपनिदेशक अमित कुमार पुष्पक ने पत्र जारी किया था. इसके माध्यम से टीएमबीयू सहित अन्य विवि के लिए चयनित अभ्यर्थियों के सभी दस्तावेजों को संलग्न कर नियुक्ति के लिए भेजा गया है. सरकार के उपनिदेशक ने पत्र के हवाले से कहा कि उम्मीदवारों की नियुक्ति से पूर्व आयोग से जारी निर्देशानुसार उनके दस्तावेजों की सत्यता की जांच करे. इसमें अर्हता, अनुभव प्रमाण पत्र, आरक्षण कोटि सहित सभी शैक्षणिक दस्तावेजों के प्रमाण पत्रों व स्वास्थ्य आदि की जांच की जायेगी. सभी दस्तावेजों के सही पाने पर ही नियुक्ति की कार्रवाई की जाये.

विवि सूत्रों के अनुसार चयनित प्राचार्यों का डोजियर विवि को प्राप्त हो गया है. इस बाबत कमेटी बनाकर शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच की जायेगी. इससे पहले उन प्राचार्यों से एफिडेविट लिया जायेगा. इसके माध्यम से बताना होगा कि उनके द्वारा जमा शैक्षणिक प्रमाण पत्र, अर्हता, अनुभव प्रमाण पत्र, आरक्षण कोटि सहित जमा अन्य दस्तावेज सही है. कहा कि जांच सहित नियुक्ति व पदस्थापित की कार्रवाई करने के बाद एक माह के अंदर सारी रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराये.

उधर, विवि के रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे ने कहा कि आयोग से चयनित प्राचार्यों में इमरान खान, प्रो संजय कुमार झा, डॉ दीपो महतो, डॉ लक्ष्मी पांडे, प्रो निशा झा, डॉ सुधीर कुमार सिंह, डॉ अनिरूद्ध कुमार, सत्येंद्र कुमार, अवधेश रजक, वैनी भूषण शामिल हैं.

एक माह से ज्यादा समय बीते, जांच नहीं हुई पूरी

आयोग ने टीएमबीयू को पत्र भेजकर भूगोल, फिजिक्स, अर्थशास्त्र में मिले असिस्टेंट प्रोफेसर के शैक्षणिक, अनुभव, दिव्यांगता प्रमाण पत्र जांच कर एक माह के अंदर रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन एक माह से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है. हालांकि, जांच कमेटी के संयोजक प्रो संजय कुमार झा ने दावा किया कि जांच की प्रक्रिया चल रही है.

सूत्रों के अनुसार विवि को नौ में से सात असिस्टेंट प्रोफेसर का संबंधित विवि के रजिस्ट्रार व कॉलेजों से दस्तावेज प्राप्त हो गया है, लेकिन दो का अबतक दस्तावेज विवि को प्राप्त नहीं हुआ है. ऐसे में जांच की प्रक्रिया धीमी गति से चल रहा है. जांच कमेटी के संयोजक प्रो संजय कुमार झा ने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर का संबंधित विवि के रजिस्ट्रार व कॉलेजों से दस्तावेज प्राप्त हुआ है, लेकिन विवि में जरूरी कार्यों के कारण जांच की प्रक्रिया तेजी से नहीं हो पा रही है. कहा कि जांच संबंधित सारी प्रक्रिया को जल्द ही पूरा कर लिया जायेगा. बता दें कि आयोग के पत्र प्राप्त होने के बाद उक्त विषयों के असिस्टेंट प्रोफेसरों का वेतन पर रोक लगा दिया है.

केमिस्ट्री व सामाजिक विज्ञान के शिक्षक अभ्यर्थियों की होगी जांच

सूत्रों के अनुसार आयोग से टीएमबीयू को मिले केमिस्ट्री व सामाजिक विज्ञान में मिले शिक्षक अभ्यर्थियों के भी दस्तावेजों की जांच होगी. बता दें कि विवि में केमिस्ट्री विषय में शिक्षक अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. विवि के एक अधिकारी ने कहा कि इस विषय में चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की जायेगी. इस दिशा में कार्य जारी है.

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By Atul kumar

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