bhagalpur news. वर्ष 2015 में जिस महिला की मौत, उनका 2024 में अंचल में शपथ पत्र जमा हुआ और हो गयी जमीन उसके नाम

जमीन विवाद से संबंधित एक मामले में एक जमीन की वैध मालकिन का निधन वर्ष 2015 में हो गया. उसी के द्वारा वर्ष 2024 में सदर कार्यपालक दंडाधिकारी कार्यालय से शपथ-पत्र निर्गत किया जाता है.

जमीन विवाद से संबंधित एक मामले में एक जमीन की वैध मालकिन का निधन वर्ष 2015 में हो गया. उसी के द्वारा वर्ष 2024 में सदर कार्यपालक दंडाधिकारी कार्यालय से शपथ-पत्र निर्गत किया जाता है. इसके बाद उनकी जमीन के दाखिल-खारिज का आवेदन उनके एक रिश्तेदार द्वारा जगदीशपुर अंचल में किया गया. फिर जमीन रिश्तेदार के नाम कर दी गयी. इस बात का खुलासा तब हुआ, जब बरहपुरा निवासी सैयद इनामुद्दीन ने सदर एसडीओ को आवेदन सौंपा. इनामुद्दीन का कहना है कि सदर एसडीओ कार्यालय में मामला दर्ज हो चुका है, जिस पर पहली सुनवाई गत 29 दिसंबर को हुई है. अब पांच जनवरी को टाउन हॉल में डिप्टी सीएम की अध्यक्षता में आयोजित होनेवाले भूमि सुधार जन कल्याण संवाद में भी इस मामले को लेकर जायेंगे. ———————– आवेदक का आरोप, शपथ पत्र भी है फर्जी आवेदक इनामुद्दीन ने बताया कि जिसकी मृत्यु वर्ष 2015 में हो चुकी है, वह नौ वर्ष बाद 2024 में शपथ पत्र कैसे दे सकती है? यह शपथ पत्र फर्जी है. उनका आरोप है कि दाखिल-खारिज वाद में जांच, सत्यापन और नोटिस निर्गत किया जाता, तो नामांतरण स्वीकृति नहीं होती. यह कार्य केवल जालसाज द्वारा नहीं, बल्कि अंचल कार्यालय के पदाधिकारियों व कर्मियों की मिलीभगत से ही संभव हो सकता है. राजस्व प्रक्रिया का जानबूझकर उल्लंघन किया गया है. —————- आवेदक की मांग आवेदक ने सदर एसडीओ से मांग की है कि शपथ पत्र, इससे संबंधित फाइल, रजिस्टर, हस्ताक्षर व मुहर की भी जांच हो. नामांतरण आदेश का तत्काल प्रभाव से निरस्तीकरण हो. अंचल कार्यालय के संबंधित पदाधिकारियों व कर्मियों पर विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई हो. इस कृत्य को अंजाम देनेवाले आरोपित पर एफआइआर हो. संपूर्ण दस्तावेजों की सीजिंग और रिकॉर्ड प्रीजर्वेशन ऑर्डर जारी हो, ताकि दबाव में फाइलें गायब या बदली न की जा सके. पूरी घटना की स्वतंत्र, उच्चस्तरीय जांच करायी जाये. एसडीओ कार्यालय को साक्ष्य भी कराया उपलब्ध आवेदक ने एसडीओ कार्यालय को जमीन मालकिन का नगर निगम रजिस्ट्रार द्वारा जारी मृत्यु प्रमाणपत्र, पुरानी जमाबंदी की प्रति, नये नामांतरण जमाबंदी की प्रति, शपथ पत्र की प्रति, दाखिल-खारिज वाद की प्रति और सीओ को पूर्व में दिये आवेदन की छाया प्रति भी उपलब्ध करायी है.

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Published by: Nishi ranjan thakur

निशिरंजन ठाकुर मुख्यधारा की पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक समय से सक्रिय. साहित्यिक विषयों में भी गहरी रूचि. खबरों में तथ्य के साथ मानवीय संवेदना और भाषा की सादगी को अहम मानते हैं.

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