Bhagalpur news मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को लेकर प्रशासन अलर्ट

जगदीशपुर प्रखंड के बैजानी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है.

जगदीशपुर प्रखंड के बैजानी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. प्रखंड और जिला स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा कर तैयारी की समीक्षा कर रहे हैं. हालांकि अभी तक मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गयी है, लेकिन इसी माह उनके आगमन की प्रबल संभावना जतायी जा रही है. संभावित दौरे को देखते हुए बैजानी में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जा रहा है. मुख्य सड़कों की मरम्मत और निर्माण कार्य तेज कर दिये गये हैं. सरकारी भवनों की रंगाई-पुताई कर उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है. बैजानी तालाब की साफ-सफाई के साथ उसका सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है. विद्यालय परिसर और मैदान का समतलीकरण कार्य तेजी से चल रहा है. तैयारी में किसी प्रकार की कोताही न हो, इसके लिए अधिकारी लगातार कैंप कर कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिये जा हैं. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि कार्यक्रम सफल और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके.

राम-भरत मिलन व शबरी प्रसंग से भावविभोर हुए श्रद्धालु

सुलतानगंज रघुचक अंधार स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर में बाबा रामेश्वर सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ सह श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला.चंडीगढ़ से पधारे राम कथा वाचक कुंदन जी महाराज ने राम कथा के सातवें दिन राम–भरत मिलन एवं शबरी प्रसंग के माध्यम से नवधा भक्ति का विस्तारपूर्वक वर्णन किया. उन्होंने चित्रकूट में राम-रत के भावपूर्ण मिलन और भरत द्वारा प्रभु श्रीराम की चरण पादुका लेकर अयोध्या लौटने की कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन वृंदावन से पधारे कथावाचक शत्रुघ्न जी महाराज ने महारास का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने महारास में कामदेव को परास्त किया. इसके साथ ही कंस वध, धर्म की स्थापना और मथुरा की पावन भूमि पर गुरु शांदीपनी के चरित्र का वर्णन किया. मौके पर सुरेश प्रसाद सिंह, अरुण कुमार सिंह, नंदन सिंह, पंकज सिंह, राम बहादुर सिंह, गौतम सिंह, मिथिलेश कुमार सिंह, अभय कुमार सिंह उपस्थित थे.

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By JITENDRA TOMAR

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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