बिहार सरकार ने नाथनगर की तत्कालीन अंचल अधिकारी स्मिता झा के विरुद्ध बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है. पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, सरकारी कार्यों में शिथिलता और उच्च अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी के आरोपों में दोषी पाये जाने के बाद उन्हें दंडित किया गया है. वर्तमान में पुरैनी (मधेपुरा) में राजस्व अधिकारी के पद पर कार्यरत स्मिता झा के विरुद्ध ””संचयी प्रभाव के बिना एक वेतनवृद्धि पर रोक”” लगाने का आदेश जारी किया गया है. क्या था पूरा मामला? भागलपुर के जिलाधिकारी के माध्यम से स्मिता झा के खिलाफ कई गंभीर आरोप प्रतिवेदित किये गये थे. इन आरोपों में लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के आदेशों का पालन न करना, मुख्यालय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहना, निजी व्यक्तियों से सरकारी कार्य कराना और दाखिल-खारिज व परिमार्जन जैसे महत्वपूर्ण लोक सेवाओं के निष्पादन में अनावश्यक विलंब करना शामिल था. विभागीय जांच में प्रमाणित हुए आरोप विभागीय स्तर पर स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद मामला गंभीर होने पर सरकार ने विभागीय कार्यवाही शुरू की. अपर समाहर्त्ता, भागलपुर को जांच पदाधिकारी नियुक्त किया गया था. जांच रिपोर्ट में तत्कालीन सीओ स्मिता झा के खिलाफ लगे कुछ आरोपों को प्रमाणित पाया गया. जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने अपने पदीय दायित्वों का सही ढंग से पालन नहीं किया, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित हुआ. दंड का आदेश जारी जांच प्रतिवेदन और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अनुशासनिक प्राधिकार ने स्मिता झा को दोषी मानते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत दंडित किया है. उप सचिव संजय कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, स्मिता झा की एक वेतनवृद्धि पर रोक लगा दी गयी है. साथ ही, इस विभागीय कार्यवाही को अब समाप्त कर दिया गया है. इस आदेश की प्रति भागलपुर और मधेपुरा के डीएम सहित संबंधित कोषागार अधिकारियों को भी भेज दी गयी है.
bhagalpur news. नाथनगर की तत्कालीन सीओ पर कार्रवाई, एक वेतनवृद्धि पर लगी रोक
बिहार सरकार ने नाथनगर की तत्कालीन अंचल अधिकारी स्मिता झा के विरुद्ध बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है.
