मारवाड़ी कॉलेज के महिला विंग में टीएमबीयू के सत्र 2026-27 बजट को लेकर आयोजित सीनेट की बैठक में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने सदन में घुस कर हंगामा किया. इस दौरान सदन में अफरातफरी मच गयी. टेबल-कुर्सी भी गिराये गये. सदन में बैठे सदस्य हंगामा देख यहां-वहां भागने लगे. आंदोलित कार्यकर्ता सदन के अध्यक्ष सह प्रभारी कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा के आसन तक पहुंच गये. प्रभारी कुलपति से भी विद्यार्थियों की समस्या को लेकर नोकझोंक हुई. हालांकि, अध्यक्ष के पास में खड़े कर्मचारियों ने प्रभारी कुलपति को घेरे में ले लिया. करीब एक घंटे तक सदन की कार्यवाही ठप रही. कैंपस में तैनात पुलिस पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में जवान मौके पर पहुंचे. हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं व पुलिस के बीच में भी झड़प व धक्का-मुक्की भी हुई. काफी मशक्कत के बाद आंदोलित कार्यकर्ताओं को सदन से बाहर निकाला गया. पुलिस के जवानों ने कार्यकर्ताओं के दोनों हाथ व पैर पकड़ कर बाहर निकाला. वहीं, सदन के सदस्यों ने हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया. माइक से भी अपील की, लेकिन उनकी भी नहीं सुनी. उधर, परिषद के छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज के कर्मचारी के सहयोग से पुलिस के लाठीचार्ज में दो कार्यकर्ता को गंभीर चोट लगी है. इसमें एबीवीपी के मारवाड़ी कॉलेज के अध्यक्ष शिवम तिवारी व टीएनबी कॉलेज के परिषद अध्यक्ष पीयूष भारती शामिल हैं. इसके अलावा लाठीचार्ज से कई कार्यकर्ता को चोट आयी है. घटना के बाद दोपहर 12.25 मिनट पर सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई. प्रभारी कुलपति सहित सदन के सभी सदस्यों ने हंगामा की भर्त्सना की.
————–सीनेट बैठक के बाद प्रभारी कुलपति को चार घंटे तक बंधक बनाये रखा
सीनेट की बैठक करीब तीन बजे समाप्त हुई. उसके बाद से प्रभारी कुलपति को उसी कैंपस में करीब चार घंटे तक बंधक बनाये रखा. बैठक समाप्त होने के बाद विंग के मुख्य द्वार को बंद कर दिया. काफी अनुरोध के बाद सीनेट सदस्यों को बाहर जाने दिया, लेकिन आंदोलनकारी प्रभारी कुलपति को वार्ता के लिए महिला विंग के द्वार तक बुलाने पर अड़े रहे. हालांकि, पुलिस पदाधिकारी, दंडाधिकारी सहित अन्य शिक्षकों द्वारा परिषद के कार्यकर्ताओं को वार्ता के लिए कार्यालय में मिलने के लिए बार-बार कहा जा रहा था, लेकिन परिषद के कार्यकर्ता अड़े थे कि प्रभारी कुलपति को महिला विंग के द्वार पर ही आना पड़ेगा. साथ ही दोनों घायल छात्रों को देखना होगा, लेकिन वह देखने नहीं आये. इसके बाद पुलिस सुरक्षा में करीब 6.45 बजे निकले. इस दौरान आंदोलित कार्यकर्ता प्रभारी कुलपति की गाड़ी को घेर लिया और गाड़ी पर घुसा व लात बरसाया. हालांकि, मांगों को लेकर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के बीच कोई वार्ता नहीं हो पायी. कार्यकर्ता कॉलेज के गेट तक कुलपति की गाड़ी के पीछे-पीछे दौड़ते रहे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
