TMBU News: टीएमबीयू में अब नयी कमेटी करेगी अनुभव व दिव्यांगता प्रमाण पत्र की जांच
टीएमबीयू में आयोग से नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर के अनुभव व दिव्यांगता प्रमाण पत्र की जांच के लिए फिर से नयी कमेटी गठित कर दी गयी है. इससे पहले भी डीएसडब्ल्यू प्रो विजेंद्र कुमार के संयोजन में कमेटी गठित की गयी थी.
– जांच को लेकर पूर्व में बनी कमेटी को किया गया निरस्त
वरीय संवाददाता, भागलपुर
टीएमबीयू में आयोग से नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर के अनुभव व दिव्यांगता प्रमाण पत्र की जांच के लिए फिर से नयी कमेटी गठित कर दी गयी है. इससे पहले भी डीएसडब्ल्यू प्रो विजेंद्र कुमार के संयोजन में कमेटी गठित की गयी थी. अब इस कमेटी को जांच की प्रक्रिया से हटा दिया गया है. नयी कमेटी ही जांच करेगी. दूसरी तरफ विवि में शिक्षा विभाग से दो से तीन बार पत्र भेज कर जांच रिपोर्ट मांगी है. कहा गया है कि जांच में दोषी पाये जाने पर कार्रवाई करते हुए उच्च शिक्षा विभाग को रिपोर्ट करें. बावजूद विवि में मामले को लेकर अबतक जांच शुरू नहीं हो सकी है. नयी जांच कमेटी में कॉलेज इंस्पेक्टर प्रो संजय कुमार झा संयोजक बनाये गये हैं. जबकि पीजी कॉमर्स विभाग के हेड डॉ पवन कुमार सिन्हा व सीसीडीसी डॉ अतुल चंद्र घोष सदस्य हैं. बताया जा रहा है कि कमेटी ने एक बैठक तक नहीं की है. वहीं, पूर्व की कमेटी ने मामले को लेकर एक बैठक की थी लेकिन जांच की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पायी.आठ माह से वेतन नहीं मिलने पर शिक्षकों में आक्रोश
टीएमबीयू में विभिन्न विषयों में नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर को आठ माह से वेतन भुगतान नहीं किया गया है. इसे लेकर उन शिक्षकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. सोमवार को विभिन्न कॉलेजों में नियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाएं वेतन भुगतान की मांग को लेकर विवि पहुंचे थे. यहां रजिस्ट्रार से मिलकर वेतन भुगतान जल्द करने की मांग की. साथ ही वेतन नहीं मिलने पर नाराजगी जतायी. बताया जा रहा है कि अनुभव व दिव्यांगता प्रमाण पत्र की जांच होने तक नये शिक्षकों के वेतन पर रोक लगायी गयी है.शपथ पत्र लेकर वेतन भुगतान करें : भुस्टा
भुस्टा-भूटा समन्वय समिति के महासचिव प्रो जगधर मंडल ने कहा कि उन शिक्षकों की नियुक्ति आयोग ने की है. आयोग से उन शिक्षकों का शैक्षणिक दस्तावेज मंगा कर जांच करें लेकिन वेतन रोकना कहीं से उचित नहीं है. विवि चाहे, तो उन शिक्षकों से शपथ पत्र लेकर ही वेतन भुगतान करे. आठ माह से वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है.शिक्षक बहाली में व्यापक धांधली का आरोप : डॉ अजीत
समाजशास्त्र अभ्यर्थी सह बिहार प्रदेश अतिथि व्याख्याता संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ अजीत कुमार उर्फ़ सोनू ने आरोप लगाया है कि आयोग द्वारा शिक्षक बहाली में व्यापक धांधली बरती गयी है. अबतक बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से सहायक प्राध्यापक बहाली में कुल 37 विषयों की बहाली की है. इसमें विषय विशेषज्ञ, आयोग के अध्यक्ष एवं सचिव सहित अन्य अधिकारियों की मिलीभगत व निजी स्वार्थ से अयोग्य अभ्यर्थियों का चयन किया है. उन्होंने कहा कि सभी प्रमाण पत्रों की जांच सूक्ष्म एवं वैधानिक तरीके से नहीं की गयी, तो आंदोलन व्यापक रूप से किया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
