बिहार सोशियोलॉजिकल सोसाइटी का टीएनबी में तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न
टीएनबी कॉलेज में बिहार सोशियोलॉजिकल सोसाइटी के बैनर तले आयोजित तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन सोमवार को संपन्न हो गया. अंतिम दिन दो तकनीकी सत्र हुआ. कुल 91 शोधार्थियों ने पत्र प्रस्तुत किये. मौके पर डॉ मुजतबा हुसैन ने कहा कि हमारी सामाजिक संरचना में जातीय प्रधानता स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ती है. वहीं, डॉ अनिल कुमार सिंह झा ने कहा कि स्वच्छता सर्वोपरि है. स्वच्छता के प्रति समाज को जागरूक करने की जरूरत है. डॉ प्रेम शंकर झा ने कहा कि जातिवाद, संप्रदायवाद से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक मूल्यों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है.डॉ रंजना ने जातिवाद पर प्रहार करते हुए कहा कि लोग जाति को उछाल कर पावर में आना चाहते हैं. यह एक बड़ी समस्या बनती जा रही है. ऐसी चीजों से बचने की आवश्यकता है. डॉ राणा सुनील सिंह ने कहा कि गुरू-शिष्य परंपरा को कायम रखने की जरूरत है. डॉ प्रमोद कुमार चौधरी ने शोधार्थियों द्वारा प्रस्तुत शोध पत्रों को लेकर कहा कि इस पर अमल करने की आवश्यकता है. टीएनबी कॉलेज प्राचार्य डॉ दीपो महतो ने कहा कि कालेज की खोई हुई प्रतिष्ठा को पुनः वापस लाने का हर संभव प्रयास किया जायेगा. रेपोटियर में डॉ पुष्प कुमार थे. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. निर्लेश कुमार ने व संचालन डॉ स्वीटी ने किया. इस अवसर पर डॉ उमेश कुमार, डॉ प्रीति प्रियदर्शिनी, डॉ भवेश कुमार, डॉ बिरेंद्र कुमार सिंह, डॉ गौतम कुमार यादव, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ अख्तर अली, डॉ अरविंद कुमार आदि ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया.
