– अधीक्षण अभियंता बिपिन कुमार चंद के नेतृत्व में आयी थी सिक्किम से टीमललित किशोर मिश्रा
दुर्गम से दुर्गम क्षेत्र में भारतीय सेना के लिए राह बनाने वाला बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने विक्रमशिला सेतु पर चार बेली ब्रिज बनाकर एक दर्जन जिलों के लोगों को राहत दी है. विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब गंगा में गिर जाने के बाद सरकार ने पुल पर तत्काल यातायात बहाली का जिम्मा बीआरओ को सौंपा. बीआरओ की प्रोजेक्ट स्वास्तिक सिक्किम की 82 सदस्यीय टीम अधीक्षण अभियंता बिपिन कुमार चंद के नेतृत्व में बीस दिन में विक्रमशिला सेतु पर चार बेली ब्रिज को तैयार कर दिया. और सात जून छोटे वाहन सेतु पर दौड़ने लगे.– 14 मई की रात सिक्किम से भागलपुर पहुंच गयी थी स्वास्तिक की टीम
तीन मई की देर रात विक्रमशिला सेतु के पीलर संख्या चार व पांच के बीच के 34 मीटर गंगा में समाया था. बीआरओ के अधीक्षण अभियंता बिपिन कुमार चन्द के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम सबसे पहले यहां पहुंची थी. पुल के गिरे हिस्से व मौके का अवलोकन किया. फिर प्रस्ताव बनाकर पथ निर्माण विभाग के सचिव से मुलाकात कर उन्हें सारी जानकारी दी. हरी झंडी मिलने पर बीआरओ के स्वास्तिक प्रोजक्ट सिक्किम से 82 सदस्यीय टीम 14 मई की रात को भागलपुर पहुंच गयी . 15 मई से कोलकोता से ब्रेली ब्रिज निर्माण के लिए लोहे का सामान आना शुरू हो गया था. 16 मई को अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में ब्रेली ब्रिज का काम शुरू कर दिया गया था. सबसे पहले गंगा में गिरे 34 मीटर के स्लैब के हिस्से पर बेली ब्रिज को तैयार किया गया.– केंद्र व बिहार सरकार की निगरानी में रहेगा बेली ब्रिज
ब्रेली ब्रिज का मेंटेनेंस की पूरी व्यवस्था केंद्र व राज्य सरकार के समन्वय में रहेगा. जिला प्रशासन को लगातार अपडेट करते रहने की जिम्मेवारी मिली है. अभियंता बिपिन कुमार चन्द ने कहा हमारी टीम ने दिन-रात एक कर तेजी के साथ इस ब्रिज को तैयार किया. तूफान व बारिश में भी टीम के सदस्य काम पर डटे रहे. आज सेतु पर वाहन दौड़ते देखकर टीम के एक-एक सदस्य को संतुष्टि मिली.
