भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आइटी) भागलपुर का दूसरे दीक्षांत समारोह का आयोजन शुक्रवार काे हुआ. इसमें कुल 576 छात्रों को डिग्री और 18 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया. मुख्य अतिथि आइआइटी पटना के निदेशक प्रो टीएन सिंह थे. सम्माननीय अतिथि के रूप में माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय कटरा जम्मू के कुलपति प्रो प्रगति कुमार उपस्थित हुए. बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) के अध्यक्ष डॉ अशोक खाड़े, ट्रिपल आइटी भागलपुर के निदेशक प्रो मधुसूदन सिंह और रजिस्ट्रार डॉ गौरव कुमार समेत कई गणमान्य उपस्थित थे.
शोभायात्रा और दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत
दीक्षांत हॉल में शैक्षणिक शोभायात्रा के प्रवेश से कार्यक्रम की शुरुआत हुई. इसके बाद राष्ट्रगान का गायन किया गया. प्रो टीएन सिंह, प्रो प्रगति कुमार, डॉ अशोक खाड़े, प्रो मधुसूदन सिंह और डॉ गौरव कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया. निदेशक प्रो मधुसूदन सिंह ने बीओजी अध्यक्ष डॉ अशोक खाड़े से दीक्षांत समारोह शुरू करने की अनुमति ली. उन्होंने स्वागत भाषण दिया और संस्थान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की.
प्लेसमेंट में ट्रिपल आइटी ने हासिल की उपलब्धि – प्रो मधुसूदन
प्रो मधुसूदन सिंह ने बताया कि ट्रिपल आइटी भागलपुर ने शिक्षा, ढांचागत विकास, अनुसंधान और प्लेसमेंट के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. कहा कि मेजर और माइनर पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिससे छात्र एआइ, डेटा साइंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और ईवी टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त कर सकेंगे. शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से बीटेक ऑनर्स डिग्री भी शुरू की गई है. इंफ्रास्ट्रक्चर और नए प्रस्ताव बताया कि संस्थान जुलाई 2024 से पूरी तरह स्थायी परिसर में स्थानांतरित हो चुका है. वर्तमान में छात्रों की संख्या 1157 है. परिसर में 573 छात्रों के लिए लड़कों का छात्रावास और 90 छात्राओं के लिए छात्रावास उपलब्ध है. समग्र विकास के लिए छात्र गतिविधि केंद्र की आवश्यकता बताई गई. बताया कि दूसरे चरण में विकास योजना के तहत 1,122 छात्रों की क्षमता वाले नए लड़कों के छात्रावास, 147 छात्राओं के छात्रावास और छात्र मनोरंजन केंद्र का प्रस्ताव है. साथ ही प्रशासनिक ब्लॉक और शैक्षणिक भवन के विस्तार की भी योजना है. इन सभी कार्यों पर 155.64 करोड़ रुपये की लागत आएगी. मेधावियों को स्वर्ण पदक और डिग्री चार बैचों 2018-22, 2019-23, 2020-24 और 2021-25 के 537 बीटेक छात्रों तथा 2021-23, 2022-24 और 2023-25 बैचों के 38 एमटेक छात्रों को डिग्री प्रदान की गई. इसके अलावा सीएसई विभाग के एक शोधकर्ता को पीएचडी डिग्री दी गयी. मेधावी छात्रों को दो प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल, चार चेयरमैन गोल्ड मेडल और 12 डायरेक्टर्स मेडल प्रदान किए गए. प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल आमिरुल इस्लाम (2018-22), शिवा पटेल (2019-23), हर्ष रस्तोगी (2020-24) और विनीत कुमार सिंह (2021-25).चेयरमैन गोल्ड मेडल
दिव्या वशिष्ठ (2021-23) और मोहम्मद अब्दुलबारी अंसारी (2023-25).
डायरेक्टर्स मेडल आमिरुल इस्लाम (सीएसई), सूरज कुमार (ईसीई), गोपेश कृष्ण यादव (एमएई), शिवा पटेल (सीएसई), प्रवीण सारस्वत (ईसीई), ईशान श्रीवास्तव (एमएई), हर्ष रस्तोगी (सीएसई), पुष्कल अग्रवाल (ईसीई), अंकित कुमार (एमएई), विनीत कुमार सिंह (सीएसई), प्रियांशु राज (ईसीई) और प्रिया मिश्रा (एमएई). रजिस्ट्रार डॉ गौरव कुमार ने सभी डिग्रीधारियों को शपथ दिलायी. एसोसिएट डीन (अकादमिक) डॉ हिमाद्री नायक ने धन्यवाद ज्ञापन किया.ट्रिपल आइटी है देश का अग्रणी संस्थान – डॉ अशोक
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ अशोक खाड़े ने कहा कि ट्रिपल आइटी भागलपुर शिक्षा और अनुसंधान में अग्रणी संस्थान बन चुका है. उन्होंने एआइ, 6जी, साइबर सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों पर जोर दिया और कहा कि चरित्र ही असली डिग्री है.
ट्रिपल आइटी का प्रयास उल्लेखनीय – प्रो प्रगति कुमार
गेस्ट ऑफ ऑनर प्रो प्रगति कुमार ने कहा कि ट्रिपल आइटी ने एनईपी-2020 को लागू करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए हैं. उन्होंने छात्रों से आत्मनिर्भर भारत और सेमीकंडक्टर चिप्स डिजाइन में योगदान की अपील की. उन्होंने नई शिक्षा नीति पर भी चर्चा की.
कौशल भविष्य की मुद्रा – प्राे टीएन सिंह
मुख्य अतिथि प्रो टीएन सिंह ने कहा कि शिक्षा ने छात्रों के सपनों को आकार दिया है. अब वे पूरे आत्मविश्वास से भविष्य का सामना करें और कौशल को भविष्य की मुद्रा मानकर आगे बढ़ें. उन्होंने कहा कि किसी को नौकरी चाहने वाला ही नहीं बल्कि नौकरी देने वाला भी बनना चाहिए.
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