जिले में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सोमवार से पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है. यह प्रशिक्षण ‘इन-सर्विस टीचर्स ट्रेनिंग फॉर क्लास थ्री टू फाइव’ के अंतर्गत आयोजित किया गया है, जो 12 जून तक चलेगा.
200 शिक्षकों को दी जायेगी ट्रेनिंग
एससीईआरटी (SCERT), पटना के निर्देशानुसार, ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से कक्षा तीन से पांचवीं तक के सूचीबद्ध 200 शिक्षकों का चयन किया गया है. इन सभी शिक्षकों को भागलपुर के फुलवरिया स्थित प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय में पांच दिनों के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है. बिहार शिक्षा परियोजना, भागलपुर ने इस संबंध में आवश्यक कार्यालय आदेश जारी कर दिये हैं.क्यों जरूरी है यह प्रशिक्षण?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रत्येक शिक्षक के लिए न्यूनतम 50 घंटे का अनिवार्य प्रशिक्षण तय किया गया है. इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के विषय ज्ञान को और अधिक मजबूत करना, शिक्षण कौशल (Teaching Skills) में निखार लाना और छात्रों की सीखने की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझना है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तैयार किये गये नवीन प्रशिक्षण मॉड्यूल के आधार पर यह ट्रेनिंग दी जा रही है.
बीईओ को प्रतिभागियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश
बिहार शिक्षा परियोजना ने संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को निर्देश दिये हैं कि वे अपने प्रखंड के सूचीबद्ध शिक्षकों की भागीदारी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें. यदि कोई शिक्षक किसी अपरिहार्य कारण से प्रशिक्षण में भाग लेने में असमर्थ है, तो उसे अपने आवेदन और साक्ष्य के साथ सूचित करना होगा, जिसकी समीक्षा के बाद ही निर्णय लिया जायेगा.ड्रेस कोड का पालन अनिवार्य
प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन बनाये रखने के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू किया गया है. पुरुष शिक्षक फॉर्मल शर्ट-पैंट और टाई पहनकर आयेंगे. महिला शिक्षिकाएं सौम्य रंगों वाली सलवार-कुर्ता या साड़ी पहनेंगी. पीटी व योग सत्र के दौरान सभी प्रतिभागी व्हाइट-ब्लू पैंट और टी-शर्ट में नजर आयेंगे. प्रशासन को उम्मीद है कि इस प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों के स्तर में गुणात्मक सुधार आयेगा, जिसका सीधा लाभ जिले के प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिलेगा.
