Bhagalpur News: हर माह सफाई पर 2.20 करोड़ खर्च, फिर भी सड़क पर कूड़ा

स्मार्ट सिटी भागलपुर नगर निगम सूबे के कुछ गिने-चुने नगर निगमों में शुमार है बावजूद शहर की सफाई की स्थिति बद से बदतर हो गयी है.

– वार्डों के कूड़ा को कंपेक्टर करने के लिए बना ट्रांसफर स्टेशन लेकिन तीन जगहों पर लगी मशीनों में पांच खराब

ललित किशोर मिश्र, भागलपुर

स्मार्ट सिटी भागलपुर नगर निगम सूबे के कुछ गिने-चुने नगर निगमों में शुमार है बावजूद शहर की सफाई की स्थिति बद से बदतर हो गयी है. वार्ड पार्षद सफाई कर्मियों का रोना रो रहा है, तो दूसरी ओर शहर के मुख्य मार्ग में कूड़ा रखने के लिए जो लोहे का बड़ा नाव व डस्टबिन था वह कुछ ही जगह दिखाई दे रहा है. शहर के कई मुख्य मार्ग व वार्ड के मुख्य मार्ग में डस्टबिन नहीं है. जिससे कूड़ा सड़क किनारे ही गिराया जाता है. कुछ कूड़ा नाला में भी फेंक दिया जाता है.

मुख्य मार्ग में प्लास्टिक के डस्टबिन को गिरा रहा आवारा पशु, फैल रहा कचरा

पिछले तीन साल से निगम में डस्टबिन की स्थिति खराब है. मुख्य मार्ग से लेकर वार्ड को जोड़ने वाली मुख्य सड़कों पर डस्टबिन नहीं दिख रहा है. कुछ जगहों पर है, तो उससे भी कूड़ा नीचे गिर रहा है. कारण कि समय पर कुछ जगहों से कूड़ा नहीं उठाया जाता है, जिससे उसे आवारा पशु सड़क पर ही फैला देता है. सड़क किनारे व सड़क पर ीही कई जगह कूड़ा गिरा दिया जाता है. शहर के बरारी-तिलकामांझी रोड, बरारी-जवारीपुर रोड, तिलकामांझी से पुलिस लाइन रोड, बरारी पुल घाट रोड, तिलकामांझी हटिया रोड, डिक्सन मोड़ से स्टेशन रोड सहित कई जगहों पर कूड़ादान नहीं है. कूड़ा सड़क पर ही गिरा दिया जाता है.

डंपिंग ग्राउंड कनकैथी के पास भेजा जाता है कूड़ा

शहर के कूड़ा को कांम्पेक्ट कर उसे कम करने के लिए शहर के कई जगहों पर करोड़ों रुपये खर्च कर ट्रांसफर स्टेशन बनाया गया लेकिन कुछ माह चलने के बाद तीन जगहों पर ट्रांसफर स्टेशन में लगे छह मशीनों में से पांच खराब हो गयी है. जिसमें लाजपत पार्क के पास बनाये गये ट्रांसफर स्टेशन में लगी दो मशीनों में एक खराब है. जिससे कूड़ा डंपिंग ग्राउंड कनकैथी के पास भेजा जाता है.

हर माह सफाई पर खर्च होता है दो करोड़, 20 लाख

हर माह निगम का सफाई पर लगभग दो करोड़, 20 लाख रुपये खर्च होता है. इस पैसे में निगम के स्थायी व अस्थायी सफाई कर्मी का मानदेय है. निगम की सफाई एजेंसी के पास एक से 38 वार्ड तक की सफाई का जिम्मा है. इस सफाई एजेंसी को लगभग दो करोड, 20 लाख की राशि में से लगभग डेढ़ करोड़ की राशि खर्च के लिए दी जाती है.

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Author: SANJIV KUMAR

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