मामि गंगे घाट पर बुधवार की सुबह उस समय अफरातफरी मच गई जब स्नान करने आई तीन बच्चियों में एक 15 वर्षीय बालिका गंगा की तेज धारा में बह गई. हाजीपुर, पटना के मंतोष साह की पुत्री अंकिता कुमारी दुर्गापूजा पर अपने मौसा राजेश साह के घर सुलतानगंज आई हुई थी. सुबह अपनी नानी निर्मला देवी, छोटी बहन प्रिया कुमारी और मौसेरी बहन साक्षी के साथ स्नान करने गई थी. नहाते समय उसका पैर फिसल जाने से वह गहरे पानी में चली गई. देखते ही देखते गंगा की लहरों ने उसे अपनी आगोश में ले लिया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तीनों बच्चियां डूबने लगीं, शोर मचाने पर स्थानीय दुकानदारों और लोगो ने तुरंत छलांग लगाई और दो बच्चियों को किसी तरह बचा लिया, लेकिन अंकिता बह गयी. नानी निर्मला देवी और मां कंचन देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. छोटी बहन प्रिया ने बताया कि अंकिता चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी और पढ़ाई में काफी तेज थी. पिता मंतोष साह ठेला पर पानी बेचकर परिवार चलाते हैं. परिजनों ने बताया कि बुधवार दोपहर अंकिता को हाजीपुर लौटना था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया. सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार बल के साथ मौके पर पहुंचे. इसके बाद एसडीआरएफ की टीम भी पहुंची, लेकिन डेढ़ घंटे की देरी से आने पर परिजनों का गुस्सा भड़क गया. कहा कि अगर घाट पर एसडीआरएफ की नियमित तैनाती रहती, तो यह हादसा नहीं होता. स्थानीय लोगों ने बताया कि नमामि गंगे घाट पर न सुरक्षा की उचित व्यवस्था है और न ही बांस की बैरिकेडिंग, जिसके अभाव में लोग गहरे पानी में चले जाते हैं. आए दिन यहां स्नान करने वालों की भीड़ रहती है, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम न के बराबर है. बताते चले कि कुछ दिन पूर्व अजगैबीनाथ गंगा घाट पर एक युवक की डूबने से मौत हो चुकी है. लोगों ने मांग की है कि घाट पर एसडीआरएफ की स्थायी तैनाती करने के साथ बैरिकेडिंग लगाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे नहीं हो. फिलहाल एसडीआरएफ की टीम बच्ची की खोजबीन में जुटी हुई है, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई सुराग नहीं मिल पाया था.
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